शेयरधारकों का रिकॉर्ड वोट
Lactose India के शेयरधारकों ने 28 मार्च, 2026 को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EOGM) में Vitanosh Ingredients के साथ मर्जर के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा बुलाई गई इस मीटिंग में वोटिंग के लिए रखे गए 541,433 शेयरों में से 541,418 शेयरधारकों ने मर्जर के पक्ष में वोट किया, जबकि महज 15 शेयरधारकों ने इसका विरोध किया। यह स्पष्ट बहुमत इस डील पर निवेशकों के भरोसे को दिखाता है।
क्षमता विस्तार और नए प्रोडक्ट्स का लक्ष्य
इस मर्जर का मुख्य मकसद Lactose India की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (manufacturing capacity) को 50% तक बढ़ाना है। वर्तमान में कंपनी 10,000 MT प्रति वर्ष का उत्पादन करती है, जो बढ़कर 15,000 MT प्रति वर्ष हो जाएगा। इसके साथ ही, कंपनी Inhalation Grade और Spray Dried Lactose जैसे हाई-मार्जिन वाले नए प्रोडक्ट्स को भी बाजार में उतार सकेगी, जिससे उसकी मार्केट प्रेजेंस (market presence) मजबूत होगी।
Vitanosh का नेट लॉस और प्रमोटर की बढ़ी हिस्सेदारी
हालांकि, इस मर्जर के बाद Lactose India, Vitanosh Ingredients के फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY2025) के ₹1.96 करोड़ के नेट लॉस (net loss) को भी अपने खाते में लेगी। इस पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी होगी। दूसरी ओर, इस मर्जर से प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़कर 58.84% हो जाएगी, जो अभी 53.65% है।
आगे क्या?
यह डील NCLT अहमदाबाद बेंच से फरवरी 2026 में और BSE से अगस्त 2025 में पहले ही मंजूरी पा चुकी है। मगर, अभी भी कुछ अहम रेगुलेटरी अप्रूवल (regulatory approvals) बाकी हैं, जिनमें देरी हो सकती है। Vitanosh के ऑपरेशन्स (operations) को इंटीग्रेट (integrate) करना और उसके नेट लॉस को मैनेज करना मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, लेकिन कंपनी को उम्मीद है कि इससे लॉन्ग-टर्म (long-term) में ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
