मर्जर को मिली हरी झंडी, कैपेसिटी बढ़ेगी
Lactose (India) Limited के लिए आज का दिन एक अहम पड़ाव लेकर आया। कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की ओर से बुलाई गई एक वर्चुअल मीटिंग में Vitanosh Ingredients Private Limited के साथ प्रस्तावित मर्जर को हरी झंडी दे दी है। इस मर्जर का मुख्य उद्देश्य Lactose India की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को 50% तक बढ़ाना है। वर्तमान में 10,000 मीट्रिक टन सालाना क्षमता वाली कंपनी, इस डील के बाद 15,000 मीट्रिक टन सालाना उत्पादन करने में सक्षम होगी।
प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ेगी, पर लॉस भी होगा,
मर्जर के पूरा होने के बाद, प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़कर 53.65% से 58.84% होने का अनुमान है। हालांकि, इस मर्जर से Lactose India को Vitanosh Ingredients का ₹1.96 करोड़ का नेट लॉस (FY2025) भी अपने नाम करना होगा, जो कंपनी के अल्पावधि (short-term) मुनाफे पर असर डाल सकता है।
कंपनी का प्रदर्शन और आगे की राह
Lactose India, जो 1991 से फार्मा-ग्रेड लैक्टोज मोनोहाइड्रेट और लैक्टुलोज का उत्पादन कर रही है, के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार देखा गया है। कंपनी की नेट सेल्स मार्च 2021 के ₹34.96 करोड़ से बढ़कर मार्च 2025 में ₹116.40 करोड़ हो गई। वहीं, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) मार्च 2021 में ₹3.27 करोड़ के लॉस से सुधरकर मार्च 2025 में ₹6.92 करोड़ के प्रॉफिट में आ गया। Vitanosh Ingredients ने वित्तीय वर्ष 2024 में ₹36 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया था।
जोखिम और प्रतिस्पर्धा
निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि Lactose India, Vitanosh के ऑपरेशन्स को कितनी अच्छी तरह इंटीग्रेट करती है और अवशोषित किए गए लॉस को कैसे मैनेज करती है। पिछले 3 सालों में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 9.58% रहा है और कंपनी ने कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं दिया है। Lactose India फार्मा इंग्रेडिएंट्स सेक्टर में Sun Pharma, Divi's Laboratories, Torrent Pharma और Lupin जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें 30 मार्च 2026 तक आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। इसके बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से आगे की मंजूरी प्रक्रिया पर भी नजर रखी जाएगी।