SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के कड़े नियमों के तहत, Kothari Industrial Corporation Limited ने अपने 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) के लिए कंपनी के शेयरों में किसी भी तरह के लेन-देन पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकने के लिए की गई है।
यह ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी और कंपनी द्वारा 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक खुली रहेगी।
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गैर-सार्वजनिक, मूल्य-संवेदनशील जानकारी तक पहुंच रखने वाले व्यक्ति कंपनी के शेयर खरीद या बेचकर अनुचित लाभ न उठा सकें, जिससे सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे।
Kothari Industrial Corporation, जो फर्टिलाइजर, FMCG और लेदर जैसे विविध क्षेत्रों में सक्रिय है, हालिया समय में वित्तीय चुनौतियों से गुजर रही है। फरवरी 2026 में घोषित कंपनी के Q3 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। जहां एक ओर कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 101.94% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह ₹50.93 करोड़ तक पहुंच गया, वहीं दूसरी ओर नेट लॉस (Net Loss) ₹-18.54 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 426.7% की गिरावट दर्शाता है।
इसके अलावा, Q3 FY26 के लिए स्वतंत्र ऑडिटर की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में भी कुछ चिंताएं जाहिर की गई थीं। इसमें ₹118.66 लाख के अनवेरिफाइड रेवेन्यू और Coromandel International को ₹4,895 लाख में जमीन की बिक्री के लंबित आकलन का उल्लेख था। एसोसिएट कंपनियों से हुए बड़े नुकसान ने भी कंसॉलिडेटेड (Consolidated) नतीजों को प्रभावित किया।
ट्रेडिंग विंडो बंद होने का मतलब है कि डायरेक्टर्स और की मैनेजमेंट (Key Management) सहित सभी डेजिग्नेटेड पर्सन्स (Designated Persons) कंपनी के KICL शेयरों या सिक्योरिटीज को खरीद या बेच नहीं सकते, जब तक कि Q4 FY26 के नतीजे घोषित न हो जाएं और विंडो फिर से न खुल जाए। हालांकि, यह सामान्य शेयरधारकों (Shareholders) के लिए केवल एक प्रक्रियात्मक घोषणा है, जिससे उनके ट्रेडिंग अधिकार प्रभावित नहीं होते।
अब निवेशकों की निगाहें Kothari Industrial Corporation के Q4 FY26 के फाइनल नतीजों पर टिकी हैं। इन नतीजों से कंपनी की भविष्य की योजनाओं और वित्तीय स्थिति को लेकर और अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
