Kiri Industries के शेयरहोल्डर्स ने कंपनी के प्रबंधन पर अपना भरोसा पक्का कर दिया है। हाल ही में संपन्न हुए पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) के नतीजे बताते हैं कि कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) मनीष किरी (Manish Kiri) के साथ-साथ दो होल टाइम डायरेक्टर्स गिरीश टंडेल (Girish Tandel) और यज्ञेश मंकड (Yagnesh Mankad) को फिर से चुना गया है।
यह फैसला शेयरहोल्डर्स की जबरदस्त भागीदारी और उनके वोटिंग पैटर्न से साफ हुआ। 23 फरवरी, 2026 से 24 मार्च, 2026 तक चली ई-वोटिंग (e-voting) प्रक्रिया में कुल 32,862,158 वोट डाले गए, जिनमें से 32,509,350 वोट प्रस्तावों के पक्ष में पड़े।
प्रस्तावों के अनुसार, मनीष किरी को चेयरमैन और एमडी के पद पर 98.54% वोटों का समर्थन मिला। वहीं, गिरीश टंडेल को 98.93% और यज्ञेश मंकड को 98.92% वोटों से डायरेक्टर पद के लिए फिर से चुना गया।
शेयरहोल्डर्स के इस बड़े समर्थन से कंपनी के मैनेजमेंट में नेतृत्व की निरंतरता (Leadership Continuity) बनी रहेगी, जो कंपनी की लंबी अवधि की योजनाओं को लागू करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह प्रबंधन की रणनीतिक दिशा और संचालन में निवेशकों के विश्वास को साफ दर्शाता है, खासकर कंपनी की बड़ी इन्वेस्टमेंट योजनाओं और हालिया फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग को देखते हुए।
Kiri Industries, जो डाई (Dye), इंटरमीडिएट्स (Intermediates) और केमिकल्स (Chemicals) का एक प्रमुख उत्पादक है, ने हाल ही में DyStar के स्टेक सेल (Stake Sale) को लेकर चल रहे दस साल के कानूनी विवाद का निपटारा किया है। इस समझौते से कंपनी को जनवरी 2026 में 689.03 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रकम प्राप्त हुई थी। साथ ही, कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2028 के बीच इंटीग्रेटेड कॉपर-फर्टिलाइजर प्रोजेक्ट्स (Integrated Copper-Fertilizer Projects) में ₹12,000 से ₹13,000 करोड़ का भारी कैपेक्स (Capex) करने की भी योजना बना रही है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कंपनी के मैनेजमेंट टीम का औसत कार्यकाल 10.8 साल रहा है, जो उनके अनुभव को दर्शाता है।
हालांकि, इस वोटिंग से संबंधित किसी विशेष जोखिम का जिक्र नहीं है, पर कंपनी के पुराने गवर्नेंस (Governance) से जुड़े मामलों पर गौर करना उचित होगा। अक्टूबर 2018 में, Kiri Industries और उसके प्रमोटर्स ने SEBI के साथ एक डिस्क्लोजर लैप्स (Disclosure Lapse) मामले का निपटारा किया था, जिसके लिए लगभग 11 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।
Kiri Industries केमिकल सेक्टर में Sudarshan Chemical Industries, Bodal Chemicals और Gujarat Fluorochemicals जैसे स्थापित खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। भविष्य में, निवेशक कंपनी के कॉपर-फर्टिलाइजर प्रोजेक्ट्स की प्रगति और उनके वित्तीय नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे। DyStar सेटलमेंट के बाद प्रबंधन की रणनीति, डिविडेंड पॉलिसी (Dividend Policy), कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) और किसी भी नए रेगुलेटरी (Regulatory) या गवर्नेंस डेवलपमेंट पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।
