पूरे वित्तीय वर्ष 2026 की बात करें तो, Khaitan Chemicals का कुल रेवेन्यू 39.13% बढ़कर ₹1,003.13 करोड़ पर पहुंच गया। इसी के साथ, कंपनी ₹68.76 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट कमाने में कामयाब रही, जो पिछले साल के घाटे से एक बड़ी वापसी का संकेत है। वहीं, चौथे तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों में भी सुधार दिखा, जहां कुल आय 20.24% बढ़कर ₹193.53 करोड़ दर्ज की गई।
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹0.05 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। हालांकि, नतीजों में बंद किए गए सोया प्लांट (Soya Plant) से हुए ₹4.16 करोड़ के नुकसान को भी शामिल किया गया है, जो 'डिसकंटिन्यूड ऑपरेशंस' (Discontinued Operations) के तहत दर्ज किया गया है।
निवेशकों को एक और अहम बात पर नजर रखनी होगी - कंपनी पर ₹277.75 करोड़ का भारी शॉर्ट-टर्म कर्ज (Short-Term Debt) है। यह कर्ज कंपनी के लिए रीफाइनेंसिंग और ब्याज भुगतान के लिहाज से एक महत्वपूर्ण जोखिम बना हुआ है।
यह सालाना प्रॉफिट Khaitan Chemicals के लिए एक रिकवरी (Recovery) को दर्शाता है, जो बेहतर मार्केट डिमांड और रेवेन्यू ग्रोथ से प्रेरित है। सुझाया गया डिविडेंड मैनेजमेंट के अपने कोर बिजनेस के प्रति आत्मविश्वास को जाहिर करता है। हालांकि, बाजार की नजरें अब इस बात पर होंगी कि कंपनी सोया प्लांट के बंद होने के असर और अपने बड़े शॉर्ट-टर्म कर्ज का प्रबंधन कैसे करती है।
खाद (Fertilizer) सेक्टर में, Khaitan Chemicals के मुख्य प्रतिस्पर्धियों में Rashtriya Chemicals & Fertilizers Ltd और Chambal Fertilisers and Chemicals Ltd शामिल हैं। ये कंपनियां भी इनपुट लागत में उतार-चढ़ाव और मांग में अस्थिरता का सामना करती हैं, लेकिन Khaitan के इस टर्नअराउंड से कंपनी की लाभप्रदता बढ़ाने की कोशिशें साफ दिखती हैं।
