Kansai Nerolac Paints को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) अथॉरिटीज की ओर से कुल ₹2,99,39,340 (लगभग ₹2.99 करोड़) के पेनाल्टी (penalty) का कन्फर्मेशन मिला है। यह पेनाल्टी 2017-18 और 2019-20 असेसमेंट पीरियड के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को डिसअलाउ (disallow) करने से जुड़ी है।
कंपनी ने 30 मार्च, 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उन्हें GST अथॉरिटीज से दो ऑर्डर मिले हैं, जिनमें इन ITC डिसअलॉवमेंट्स के लिए ₹2.99 करोड़ की पेनाल्टी लगाई गई है। Kansai Nerolac Paints (KNPL) ने स्पष्ट किया है कि वे इन ऑर्डर्स के खिलाफ GST ट्रिब्यूनल में अपील करेंगे। कंपनी का भरोसा है कि वे अपनी दलीलों को पुख्ता सबूतों और कानूनी मिसालों के साथ साबित कर पाएंगे। साथ ही, कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि इस पेनाल्टी का उनके फाइनेंशियल (financial) हालातों या दैनिक ऑपरेशन्स (operations) पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) भारत की GST व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह बिजनेसेज को उनकी इनपुट पर चुकाए गए टैक्स का क्रेडिट लेने की अनुमति देता है, जिससे उनकी कुल टैक्स देनदारी कम होती है। ITC के डिसअलॉउमेंट से कंपनियों पर सीधा वित्तीय बोझ पड़ता है।
Kansai Nerolac Paints, जो जापान की Kansai Paint की सब्सिडियरी (subsidiary) है, भारतीय पेंट मार्केट में एक जाना-माना नाम है। यह कंपनी डेकोरेटिव, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव कोटिंग्स बनाती है। यह पहला मौका नहीं है जब कंपनी को ITC से जुड़े विवादों का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले, KNPL को 2021-22 फाइनेंशियल ईयर के लिए ITC क्लेम के आंशिक डिसअलॉवमेंट के कारण ₹80.29 लाख की पेनाल्टी भी भुगतनी पड़ी थी।
अब Kansai Nerolac GST ट्रिब्यूनल में अपनी लीगल अपील के माध्यम से इस मामले को आगे बढ़ाएगी। कंपनी का मानना है कि उनके पास ITC डिसअलॉवमेंट को चुनौती देने के लिए मजबूत कानूनी आधार और पर्याप्त दस्तावेज मौजूद हैं।
कंपनी के प्रतिस्पर्धियों में Asian Paints, Berger Paints India और AkzoNobel India जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो सभी इस जटिल टैक्स और रेगुलेटरी (regulatory) ढांचे में काम करते हैं।
निवेशक और बाजार के जानकार अब GST ट्रिब्यूनल में Kansai Nerolac की अपील की सुनवाई की तारीखों और आगे की कार्रवाई पर नजर रखेंगे। ट्रिब्यूनल का अंतिम फैसला ITC डिसअलॉवमेंट की वैधता को लेकर महत्वपूर्ण होगा।
