ऑफर डॉक्यूमेंट को बोर्ड की मंजूरी
Kanoria Chemicals & Industries के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13 अप्रैल 2026 को हुई एक बैठक में नए रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स (Redeemable Preference Shares) के लिए औपचारिक ऑफर डॉक्यूमेंट को मंजूरी दे दी है।
यह अप्रूवल नॉन-कन्वर्टिबल, नॉन-क्यूमुलेटिव, नॉन-पार्टिसिपेटिंग, रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स (NCRPS) की इश्यूअंस से जुड़ा है।
यह कदम कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विस्तार (expansion) और परिचालन (operations) की ज़रूरतों के लिए फंड जुटाने की राह आसान बनाता है। प्रेफरेंस शेयर्स से कैपिटल (capital) जुटाने का एक ऐसा तरीका है जिससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी (ownership stake) पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।
पिछली मंज़ूरी और फंड का उद्देश्य
कंपनी के लिए यह एक बड़ा कदम है, जो 1 अप्रैल 2026 को हुई पिछली एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EOGM) के बाद आया है। उस बैठक में शेयरहोल्डर्स ने कंपनी के ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (authorized share capital) को ₹50 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने की मंजूरी दी थी। साथ ही, M/s. R. V. Investment and Dealers Limited को ₹50 करोड़ के रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स इश्यू करने को भी हरी झंडी मिली थी।
इस जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx), वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (general corporate purposes) के लिए किया जाएगा।
निवेशकों को क्या देखना है?
शेयरहोल्डर्स को जल्द ही प्रेफरेंस शेयर इश्यूअंस के स्पेसिफिक टर्म्स (specific terms) बताए जाएंगे, जिनमें डिविडेंड रेट (dividend rate), टेन्योर (tenure) और प्राइसिंग (pricing) जैसी जानकारी शामिल हो सकती है।
कंपनी के सामने चुनौतियाँ
हालांकि, निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति पर भी नज़र रखनी चाहिए। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में कंपनी ने ₹1,081 मिलियन का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस (consolidated net loss) दर्ज किया था। मार्च 2025 में, CARE Ratings ने ग्रुप एक्सपोजर और घटते फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के कारण इसकी बैंक फैसिलिटीज को डाउनग्रेड कर दिया था। Q1 FY25 के नतीजों में भी प्रॉफिट में भारी गिरावट और इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (interest coverage ratio) का बिगड़ना देखा गया था। इसके अलावा, सितंबर 2024 में गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) ने प्रदूषण की शिकायतों पर इसके अंकेश्वर प्लांट को बंद करने का आदेश दिया था, हालांकि बाद में इसे वापस ले लिया गया।
Kanoria Chemicals भारतीय केमिकल इंडस्ट्री (chemical industry) में Pidilite Industries, SRF Ltd, और Aarti Industries जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। इस सेक्टर में अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कंपनी यह कदम उठा रही है।
