Jyoti Resins ने दर्ज किया रिकॉर्ड रेवेन्यू, लागत बढ़ने से बढ़ी चिंता
Jyoti Resins & Adhesives Ltd ने Financial Year 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपनी कमाई का एक नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 18% बढ़ा है। यह ग्रोथ कंपनी के बढ़िया वॉल्यूम (Volume) और ब्रांडिंग (Branding) की कोशिशों का नतीजा है। लेकिन, कंपनी को कच्चे माल की कीमतों में दोगुना उछाल और देनदारी की अवधि (Debtor Days) के 160 दिनों तक बढ़ जाने जैसी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। कंपनी पर कुल ₹160 करोड़ का बकाया है।
कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी और नए प्लान
कंपनी के मैनेजमेंट ने Financial Year 2026 की दूसरी छमाही में HR, टेक्नोलॉजी और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रेटेजी (Transformation Strategy) शुरू की थी। इस रणनीति को T20 वर्ल्ड कप के दौरान एक्टर पंकज त्रिपाठी के साथ किए गए बड़े एडवरटाइजिंग कैंपेन (Advertising Campaign) का भी सहारा मिला।
Jyoti Resins का लक्ष्य अगले दो से तीन सालों में ₹500 करोड़ से अधिक की कंपनी बनना है। कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी (Production Capacity) को अगले 1-2 तिमाहियों में 2,000 टन प्रति माह से बढ़ाकर 3,500 टन प्रति माह करने की योजना बना रही है। साथ ही, कंपनी ओडिशा (Odisha) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) जैसे नए राज्यों में मई 2026 तक अपनी यूनिट्स शुरू करने की तैयारी में है।
सामने खड़ी हैं ये बड़ी चुनौतियां
कंपनी अभी आक्रामक ग्रोथ फेज (Aggressive Growth Phase) में है और बड़े पैमाने पर अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसके बावजूद, कच्चे माल (Raw Material) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और देनदारी की अवधि का लंबा होना, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।
कंपनी के लिए मुख्य चुनौतियां इस प्रकार हैं:
- कच्चे माल की महंगाई: VAM (Vinyl Acetate Monomer) जैसी जरूरी चीजों के दाम दोगुने हो गए हैं। पहले जहां ये ₹75-80 के आसपास थे, वहीं अब ₹160-180 तक पहुंच गए हैं। इससे Q1 FY27 में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा, जब तक कि कीमतों में बढ़ोतरी पूरी तरह लागू न हो जाए।
- बढ़ा हुआ रिसीवेबल साइकल: कंपनी के देनदार दिनों की संख्या 150-160 दिनों तक पहुंच गई है, जो कि 118-120 दिनों के ऐतिहासिक औसत से काफी ज्यादा है।
कंपनी की भविष्य की योजनाएं
Jyoti Resins का लक्ष्य अगले तीन सालों में रिटेल (Retail) और OEM (Original Equipment Manufacturer) रेवेन्यू का अनुपात 85% रिटेल और 15% OEM की ओर शिफ्ट करना है। कंपनी की EBITDA मार्जिन (EBITDA Margins) Financial Year 2026 के लिए लगभग 27% रही है, जबकि वर्तमान कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) 65% है।
कंपीटिटर्स से मुकाबला
भारत के एडहेसिव (Adhesives) और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स (Construction Chemicals) मार्केट में Pidilite Industries Ltd एक बड़ी कंपनी है, जिसके पास Fevicol और Fevikwik जैसे मजबूत ब्रांड हैं। Jyoti Resins को इस दिग्गज कंपनी से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
