NCLT की मंज़ूरी और प्रमोटर की बढ़ी पकड़
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 11 दिसंबर, 2024 को Jiya Eco-Products Ltd के रेज़ोल्यूशन प्लान को हरी झंडी दे दी थी, जिसके बाद कंपनी अब कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से बाहर आ गई है। इस महत्वपूर्ण कदम के बाद, कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी में भारी उछाल देखा गया है। इंसॉल्वेंसी प्रोसेस शुरू होने से पहले जहां यह हिस्सेदारी 37.02% थी, वहीं अब यह बढ़कर 95% पर पहुँच गई है। इस पुनर्गठित कंपनी में RPK Green Energy LLP एक प्रमुख शेयरहोल्डर के रूप में उभरी है, और मिस्टर प्रदीप खंडागले इस रेज़ोल्यूशन प्लान के सफल एप्लीकेंट हैं।
इंसॉल्वेंसी से बाहर निकलने का मतलब
CIRP से सफलतापूर्वक बाहर निकलने का मतलब है कि Jiya Eco-Products अब अपने दिवालियापन की कार्यवाही से आगे बढ़ चुकी है। प्रमोटर की हिस्सेदारी का 95% तक बढ़ना, कंट्रोल को मज़बूत करता है और नए नेतृत्व की ओर से मज़बूत प्रतिबद्धता का संकेत देता है। उम्मीद है कि यह कदम कंपनी को अपने ऑपरेशनल फोकस को फिर से मज़बूत करने और वित्तीय स्थिरता हासिल करने में मदद करेगा।
कंपनी का इंसॉल्वेंसी सफर
Jiya Eco-Products Limited, NCLT द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद 24 अप्रैल, 2023 को CIRP में दाखिल हुई थी। कंपनी पर बड़े वित्तीय देनदारियों के कारण इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (Insolvency and Bankruptcy Code) के तहत कार्रवाई हुई थी। 11 दिसंबर, 2024 को NCLT द्वारा रेज़ोल्यूशन प्लान की मंज़ूरी कंपनी के रिवाइवल (revival) के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई, और अब इस प्लान को लागू किया जा रहा है।
आगे क्या उम्मीद करें?
शेयरधारकों को अब कंपनी को नए, एकीकृत प्रमोटर कंट्रोल के तहत काम करते हुए देखना होगा, जिसका मुख्य ध्यान ऑपरेशनल टर्नअराउंड (operational turnaround) पर रहेगा। Jiya Eco-Products Ltd को अब अपनी वित्तीय पुनर्गठन प्रक्रिया के औपचारिक होने के साथ एक नई शुरुआत के लिए तैयार माना जा रहा है। प्रमोटर्स की इतनी बड़ी हिस्सेदारी भविष्य के विकास को गति देने के लिए हितों के मज़बूत तालमेल का संकेत देती है।
