वारंट कन्वर्ज़न से बढ़ा कंपनी का कैपिटल
Ishan Dyes and Chemicals ने हाल ही में अपने वारंट को इक्विटी शेयर्स में बदलने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस कवायद के तहत कंपनी ने 4,23,280 इक्विटी शेयर्स का अलॉटमेंट किया है। प्रत्येक शेयर ₹63 के भाव पर जारी किया गया, जिससे कंपनी को कुल ₹2.67 करोड़ का निवेश मिला है। इस पैसे के आने के बाद कंपनी का कुल पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल बढ़कर ₹26.56 करोड़ हो गया है।
नए इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति
इसी के साथ, कंपनी ने अपने इंटरनल ऑडिट (Internal Audit) के लिए एक नए ऑडिटर फर्म की भी नियुक्ति की है। अब M/s H D Panchal & Co. कंपनी के नए इंटरनल ऑडिटर के तौर पर काम देखेंगे। यह नियुक्ति M/s K. D. Dave & Co. के पद छोड़ने के बाद हुई है। पूर्व ऑडिटर ने अपने पेशेवर प्रतिबद्धताओं (professional commitments) को पद छोड़ने का कारण बताया है।
इन डेवलपमेंट का महत्व
वारंट कन्वर्ज़न से मिला यह फंड Ishan Dyes की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करेगा। वहीं, इंटरनल ऑडिटर में बदलाव से गवर्नेंस (governance) के मोर्चे पर स्टेकहोल्डर्स (stakeholders) की नज़र रहेगी कि नई फर्म कैसे अपनी ज़िम्मेदारी निभाती है। कंपनी के बकाया इक्विटी शेयर्स की कुल संख्या में वृद्धि हुई है और पेड-अप शेयर कैपिटल भी बढ़ा है।
कंपनी का बिज़नेस
1993 में स्थापित, Ishan Dyes and Chemicals मुख्य रूप से Phthalocyanine Blue Crude (CPC Blue) और पिगमेंट ब्लूज़ (Pigment Blues) बनाती है। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल पेंट्स, प्लास्टिक और स्याही (inks) जैसे विभिन्न उद्योगों में होता है। कंपनी पहले भी प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issues) और वारंट कन्वर्ज़न जैसे तरीकों से कैपिटल जुटा चुकी है।
आगे क्या?
बाजार नियामक (stock exchanges) से मंजूरी मिलने के बाद नए अलॉट किए गए इक्विटी शेयर्स की लिस्टिंग और ट्रेडिंग शुरू होने की उम्मीद है। निवेशकों की नज़र कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस (operational performance) पर भी रहेगी कि यह नया जुटाया गया कैपिटल कैसे इस्तेमाल किया जाता है।
