इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगाम लगाने की तैयारी
India Glycols Limited ने यह कदम शेयर बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने और इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया है। इस अवधि के दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमुख प्रबंधन कर्मियों और नामित कर्मचारियों को कंपनी के शेयरों या किसी अन्य सिक्यूरिटीज़ (Securities) का ट्रेड करने की अनुमति नहीं होगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति कंपनी की अंदरूनी, सार्वजनिक न हुई कीमतों-संवेदनशील जानकारी (Unpublished Price Sensitive Information - UPSI) का फायदा उठाकर ट्रेड न कर सके।
कस्टम ड्यूटी विवाद का भी असर?
यह तो हुई ट्रेडिंग विंडो की बात, लेकिन India Glycols हाल ही में एक बड़े कस्टम ड्यूटी विवाद में भी फंसी हुई है। हालांकि, हाल ही में एक अपीलीय प्राधिकरण ने ₹191.76 करोड़ के एक बड़े रिडेम्पशन जुर्माने और ₹82 करोड़ के एक अन्य जुर्माने को रद्द कर दिया है। लेकिन, ₹33.43 करोड़ की शॉर्ट-पेड ड्यूटी, लागू ब्याज और ₹41 करोड़ के जुर्माने की मांग को बरकरार रखा गया है। कंपनी इन बची हुई देनदारियों के खिलाफ दूसरी अपील दायर करने की योजना बना रही है और उसका कहना है कि इससे कंपनी पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है।
यह चलन आम है
आपको बता दें कि नतीजों की घोषणा से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद करने का यह तरीका कई पब्लिक लिस्टेड कंपनियों में आम है। UPL Limited और Glenmark Pharmaceuticals जैसी कंपनियां भी अपने फाइनेंशियल नतीजों के लिए इस तरह के कदम उठा चुकी हैं।
निवेशक अब India Glycols के FY26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करेंगे, जिसके 48 घंटे बाद ट्रेडिंग विंडो फिर से खुलेगी। इसके अलावा, कस्टम ड्यूटी विवाद में कंपनी की दूसरी अपील का नतीजा भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
