EV सप्लाई चेन में Himadri की एंट्री
Himadri Speciality Chemical Ltd, जो पहले से ही स्पेशियलिटी केमिकल में एक बड़ा नाम है, अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (Energy Storage Systems) के लिए एक अहम कंपोनेंट - एनोड मटेरियल - के उत्पादन में उतर गई है। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के महाIstikry में कंपनी ने अपना पहला एनोड मटेरियल प्लांट चालू कर दिया है, जिसकी शुरुआती क्षमता 200 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है।
यह प्रोजेक्ट कंपनी के पिछले 10 सालों से ज्यादा के इन-हाउस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) का नतीजा है। इस कदम से Himadri अपने एडवांस्ड बैटरी मैटेरियल्स पोर्टफोलियो को मजबूत करेगी और दुनिया भर में बढ़ती EV और एनर्जी स्टोरेज की मांग को पूरा करने के लिए तैयार है।
भविष्य की तैयारी और 'चाइना प्लस वन' विजन
कंपनी ने एडवांस्ड बैटरी मैटेरियल्स, खासकर एनोड मैटेरियल्स और सिलिकॉन-कम्पोजिट एनोड टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश किया है। Himadri की योजना भविष्य में अपनी क्षमता का काफी विस्तार करने की है, जिसमें 200,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की LFP कैथोड फैसिलिटी भी शामिल है।
इसके अलावा, कंपनी ने Sicona Battery Technologies में निवेश कर भारत में सिलिकॉन-कार्बन एनोड टेक्नोलॉजी को लोकल बनाने पर भी काम शुरू किया है, जिसका लक्ष्य हाई एनर्जी डेंसिटी और फास्टर चार्जिंग वाली बैटरी बनाना है। Himadri का विजन खुद को ग्लोबल लिथियम-आयन बैटरी मैटेरियल्स मार्केट में एक महत्वपूर्ण 'चाइना प्लस वन' सप्लायर के तौर पर स्थापित करना है।
कॉम्पिटिशन और चुनौतियां
भारत में एनोड मैटेरियल्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। Himadri के सामने Epsilon Advanced Materials, Graphite India (जो ₹4,330 करोड़ का निवेश कर रही है) और TACC Limited जैसी कंपनियां भी हैं, जो इसी क्षेत्र में विस्तार कर रही हैं। इन सभी का फोकस EV की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रोडक्शन बढ़ाना है।
