मुनाफे का नया रिकॉर्ड और बैटरी सेक्टर में धमाकेदार एंट्री
Himadri Speciality Chemical ने फाइनेंशियल ईयर 26 में अपने प्रदर्शन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कंपनी ने ₹1,006 करोड़ का कंसॉलिडेटेड EBITDA और ₹755 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी के साथ, कंपनी ने 23 अप्रैल 2026 को लिथियम-आयन बैटरी के लिए अपने पहले 200 MTPA एनोड मटेरियल प्लांट का उद्घाटन भी किया है। यह कदम कंपनी के लिए 'न्यू एनर्जी' सेगमेंट में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।
R&D में भारी निवेश और क्षमता विस्तार
कंपनी ने बैटरी मटेरियल पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में ₹120 करोड़ का निवेश किया है, जिसने इस नए प्लांट को सपोर्ट किया है। वेस्ट बंगाल के महातिक्री स्थित इस प्लांट के अलावा, कंपनी की स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक की क्षमता बढ़कर 130,000 MTPA और कोल-टार पिच की क्षमता 600,000 MTPA हो गई है।
स्ट्रैटिजिक मोड़: EV वैल्यू चेन में एंट्री
यह दोहरी उपलब्धि Himadri के लिए एक बड़ा स्ट्रैटिजिक मोड़ है, जो इसे हाई-ग्रोथ वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी वैल्यू चेन में एक अहम घरेलू प्लेयर के रूप में स्थापित करती है। कंपनी ने बिरला टायर्स लिमिटेड का पूरा मालिकाना हक हासिल कर लिया है, जिससे इस सेगमेंट से चार साल में ₹3,000 करोड़ का रेवेन्यू लक्ष्य है। साथ ही, कंपनी LFP कैथोड एक्टिव मटेरियल प्रोडक्शन के लिए अगले 5-6 सालों में ₹4,800 करोड़ का निवेश भी करेगी।
भविष्य के लक्ष्य और जोखिम
कंपनी का टारगेट है कि FY25 के PAT को FY28 तक दोगुना करके ₹1,100 करोड़ से ऊपर ले जाया जाए। कंपनी का कहना है कि भविष्य के विस्तार के लिए फंडिंग आंतरिक आय (internal accruals) से की जाएगी। हालांकि, कंपनी ने फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा) के उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े जोखिमों की ओर भी इशारा किया है, जो ऊर्जा कीमतों और लॉजिस्टिक्स को प्रभावित कर सकते हैं।
मुख्य मेट्रिक्स और प्रतिस्पर्धी
कंपनी की स्पेशियटी कार्बन ब्लैक क्षमता 130,000 MTPA है, जबकि कोल-टार पिच क्षमता 600,000 MTPA है। नए एनोड मटेरियल प्लांट की शुरुआती क्षमता 200 MTPA है। Himadri का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 32% रहा है। स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक सेगमेंट में इसके मुख्य प्रतिस्पर्धी PCBL Limited और Goa Carbon हैं, जबकि कोल-टार पिच में Rain Industries और Epsilon Carbon प्रमुख नाम हैं। निवेशक अब ₹1,125 करोड़ के कैथोड प्रोजेक्ट की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे, साथ ही कंपनी की 20% EBITDA मार्जिन बनाए रखने की क्षमता और R&D में एडवांस बैटरी मैटेरियल्स पर काम भी अहम होगा।
