Heranba Industries ने आधिकारिक तौर पर क्रॉप न्यूट्रिशन सेक्टर में एंट्री की है। पेश किए गए दो नए उत्पादों में 'Fentaamine' एक बायो-स्टिमुलेंट है जो पौधों की ग्रोथ और स्ट्रेस सहनशीलता को बढ़ाएगा। वहीं, 'MycoHil' एक बायो-फर्टिलाइजर है जो मिट्टी की सेहत और पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
ये लॉन्च कंपनी की महत्वाकांक्षी Vision 2026 ग्रोथ रोडमैप के अनुरूप है, जिसके तहत FY27 तक ₹2,500 करोड़ के टर्नओवर का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी का यह कदम उसे पारंपरिक एग्रोकेमिकल्स से आगे ले जाकर तेजी से बढ़ते क्रॉप न्यूट्रिशन मार्केट में स्थापित करेगा, जो सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पर जोर देता है। किसानों द्वारा मिट्टी की सेहत, बेहतर यील्ड (Yield) और ऑर्गेनिक फार्मिंग की ओर बढ़ते रुझान के चलते इस सेगमेंट की मांग बढ़ रही है।
इस रणनीतिक विस्तार के साथ Heranba Industries अपनी ग्लोबल पहचान को भी मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी 80 से अधिक देशों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और दुबई (Dubai) में एक नई सब्सिडियरी (Subsidiary) स्थापित करने की योजना बना रही है।
1992 में स्थापित Heranba Industries सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड्स (Synthetic Pyrethroids), कीटनाशकों (Insecticides), शाकनाशकों (Herbicides) और फफूंदनाशकों (Fungicides) के निर्माण के लिए जानी जाती है। कंपनी गुजरात में इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन फैसिलिटीज (Integrated Production Facilities) का संचालन करती है।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। Haresh Petrochem Private Limited जैसी कंपनियों की ओर से बकाया भुगतान को लेकर इनसॉल्वेंसी पिटीशंस (Insolvency Petitions) दायर की गई हैं, जिनकी सुनवाई होनी है। इसके अलावा, कंपनी के खिलाफ पर्यावरण नियमों और इंसेक्टिसाइड्स एक्ट (Insecticides Act) के तहत कुछ आपराधिक कार्रवाईयां और उत्पाद की गलत ब्रांडिंग (Product Misbranding) के आरोप भी दर्ज हैं।
Heranba Industries, UPL Ltd, PI Industries Ltd, Coromandel International Ltd और Rallis India Ltd जैसी बड़ी कंपनियों के साथ एक डायनामिक एग्रोकेमिकल मार्केट में प्रतिस्पर्धा करती है।
कंपनी के पिछले बारह महीनों (TTM) के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2026 तक का रेवेन्यू (Revenue) ₹1,610.3 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹-60.9 करोड़ दर्ज किया गया।