बोर्ड के विस्तार के तहत, Heranba Industries ने 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली पांच साल की अवधि के लिए इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। कंपनी को उम्मीद है कि इन नए सदस्यों के शामिल होने से बोर्ड का निरीक्षण (oversight) मजबूत होगा और कंपनी की ऑपरेशनल एक्सपर्टाइज (operational expertise) भी बढ़ेगी।
बोर्ड की बैठक में 31 मार्च 2026 को ये अहम फैसले लिए गए। श्री सिंह नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की भूमिका निभाएंगे, जबकि श्री शेट्टी एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर होल-टाइम एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का पद संभालेंगे। दोनों नियुक्तियों के लिए शेयरधारकों की सहमति ज़रूरी है।
श्री सिंह ऊर्जा क्षेत्र के अनुभवी हैं, उन्होंने ONGC और उसकी सहायक कंपनियों में डायरेक्टर (Technology & Field Services) जैसी अहम भूमिकाएँ निभाई हैं। वहीं, श्री शेट्टी का अनुभव R&D और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में रहा है, और वह पहले भी Heranba में चीफ टेक/साइ/R&D ऑफिसर रह चुके हैं। उनकी नियुक्ति से कंपनी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Heranba Industries, जिसकी स्थापना 1992 में हुई थी, गुजरात में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के साथ एक प्रमुख एग्रोकेमिकल निर्माता है। कंपनी ने 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए पिछले फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1,420 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। 27 मार्च 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन $71 मिलियन USD था, जबकि स्टॉक प्राइस $1.77 USD पर था।
कंपनी के शेयरधारक इन नियुक्तियों पर अपनी मुहर लगाएंगे, जिसके बाद बोर्ड की संरचना में बदलाव देखने को मिलेगा। यह कदम कंपनी को UPL Ltd., Coromandel International Ltd., और Bayer Cropscience Ltd. जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद करेगा।