वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए Garware Marine Industries Ltd के नतीजे आ गए हैं। कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में ₹1.08 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल (FY25) के ₹1.20 करोड़ से कम है। यानी, रेवेन्यू में 9.8% की सालाना गिरावट आई है। इसी तरह, टैक्स से पहले का मुनाफा (Profit Before Tax) भी घटकर ₹0.16 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹0.43 करोड़ था। कंपनी का बेसिक ईपीएस (EPS) भी ₹0.75 से गिरकर ₹0.26 पर आ गया है।
असली चिंता की बात ऑडिटर की रिपोर्ट में सामने आई है। कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने ₹3.55 करोड़ के ट्रेड रिकेवेबल (Trade Receivables) पर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर का कहना है कि इन बकाया राशियों के लिए कोई Expected Credit Loss (ECL) प्रोविजन नहीं बनाया गया था। ये बकाया राशि कंपनी के एक पुराने बिजनेस सेगमेंट से संबंधित हैं।
Garware Marine के मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि इन पुरानी ड्यूज की रिकवरी के लिए प्रयास जारी हैं।
ऑडिटर की यह आपत्ति निवेशकों के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग (Red Flag) है, जो इन पैसों की वसूली की क्षमता और कंपनी की वित्तीय सेहत पर असर डाल सकती है। रेवेन्यू और मुनाफे में लगातार गिरावट (जो पिछले साल की तुलना में 63.7% तक है) कंपनी के सामने ऑपरेशनल या मार्केट से जुड़ी चुनौतियों का संकेत देती है।
इसके अलावा, कंपनी ने ₹10.00 करोड़ की एक कॉरपोरेट गारंटी (Corporate Guarantee) भी जारी की है, जो संभावित देनदारी (Contingent Liabilities) का रूप ले सकती है। निवेशक मैनेजमेंट द्वारा ₹3.55 करोड़ के रिकेवेबल की रिकवरी पर और नए अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के पालन पर बारीकी से नजर रखेंगे।
