GRP Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹538 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹4.6 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी की कंसोलिडेटेड EBITDA ₹42.9 करोड़ रही।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने बताया कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता, अमेरिकी व्यापार नीति में बदलाव और कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि ने बिक्री की मात्रा (Sales Volume) और प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) पर खासा दबाव डाला है।
इन चुनौतियों के बावजूद, GRP Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2024 से 2026 के बीच लगभग ₹170 करोड़ का कंसोलिडेटेड कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए ₹90-100 करोड़ का Capex लक्ष्य रखा है।
यह लगातार किया जा रहा निवेश भविष्य में विकास और बिजनेस के विविधीकरण (Diversification) के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये फंड ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ाने, उत्पादन क्षमता (Production Capacity) बढ़ाने और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी (Sustainable Technology) जैसे रिकवर्ड कार्बन ब्लैक (rCB) और बायोफ्यूल हीटिंग सिस्टम (Biofuel Heating Systems) को अपनाने पर केंद्रित हैं।
कंपनी अपनी Pyrova Energy ऑपरेशंस को भी बड़ा कर रही है, जिसका पहला फेज अक्टूबर 2025 में शुरू होने की उम्मीद है। रिकवर्ड कार्बन ब्लैक (rCB) का उत्पादन शुरू करना और टायर पायरोलिसिस प्लांट की क्षमता बढ़ाना भी कंपनी की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। साथ ही, रिन्यूएबल एनर्जी और बायोफ्यूल हीटिंग सिस्टम में निवेश से लंबे समय में लागत में कमी आने की उम्मीद है। नए फैसिलिटी के लिए अपेक्षित EPR (Extended Producer Responsibility) रजिस्ट्रेशन भविष्य में कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) को सहारा देगा।
हालांकि, कंपनी कुछ जोखिमों का सामना कर रही है। अमेरिकी टैरिफ (Tariff) में उतार-चढ़ाव ने रीक्लेम रेवेन्यू (Reclaim Revenue) और रॉ मटेरियल मार्जिन पर असर डाला है। लगातार बढ़ती महंगाई और कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता मार्जिन पर दबाव बनाए हुए है। नॉन-रीक्लेम प्रोडक्ट्स की डिमांड कमजोर रही, जिसका कारण वर्जिन मटेरियल्स की कीमतों में गिरावट और सस्ते आयात (Low-cost Imports) का बढ़ना था। Q4 FY26 में पॉलीमर कंपोजिट बिजनेस में कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग बंद करने के कारण कुछ एकमुश्त लागतें भी दर्ज की गईं। Pyrova बिजनेस, जो अभी कमर्शियलाइजेशन के दौर में है, ने FY26 में ₹23.9 मिलियन का EBITDA लॉस और ₹85 मिलियन का PAT लॉस दर्ज किया।
इंडस्ट्री की बात करें तो GRP Ltd रबर रीसाइक्लिंग और मैटेरियल्स के खास सेगमेंट में काम करती है। इसी तरह की एक कंपनी Himadri Speciality Chemical Ltd भी है, जो कैपेसिटी बढ़ाने और एडवांस मैटेरियल्स में डाइवर्सिफाई करने पर काम कर रही है। हालांकि, रिकवर्ड कार्बन ब्लैक (rCB) के लिए सीधे पीयर तुलना (Peer Comparison) मुश्किल है, क्योंकि इस क्षेत्र की कई कंपनियाँ प्राइवेट हैं।
निवेशकों के लिए खास बातें: रीक्लेम रबर क्षमता और नई टेक्नोलॉजी में भविष्य के निवेश; rCB उत्पादन की शुरुआत और टायर पायरोलिसिस प्लांट कैपेसिटी में सुधार; नई सुविधाओं के लिए आवश्यक EPR रजिस्ट्रेशन की स्वीकृति; और Q3 FY27 से मार्जिन में सुधार की उम्मीद, जो फुल कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और rCB आउटपुट के बढ़ने से संभव होगा।