गुजरात अल्कालीज एंड केमिकल्स (GACL) ने स्टॉक एक्सचेंज की पूछताछ का जवाब देते हुए साफ किया है कि शेयर में हालिया तेजी का मुख्य कारण इसके प्रमोटर Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals (GNFC) द्वारा ओपन मार्केट (open market) से शेयर खरीदना है। कंपनी ने इस बात की पुष्टि की कि इस ट्रांजेक्शन (transaction) से जुड़ी सभी जरूरी डिस्क्लोजर (disclosures) फाइल कर दी गई हैं। GACL के मुताबिक, उन्हें ऐसी किसी और प्राइस-सेंसिटिव (price-sensitive) खबर या घोषणा की जानकारी नहीं है जो शेयर की इस गतिविधि को समझा सके।
प्रमोटर की खरीदारी का पूरा ब्योरा
असल में, मार्च 2026 के मध्य में GACL के शेयर में अच्छी-खासी तेजी देखी गई थी। 23 मार्च 2026 को, शेयर 9% बढ़कर ₹586.35 पर पहुंच गया था, जबकि पूरा मार्केट गिर रहा था। यह तेजी 18 से 20 मार्च 2026 के बीच GNFC द्वारा 7,34,369 शेयर खरीदने के बाद आई थी। इन शेयरों की कुल वैल्यू करीब ₹35.85 करोड़ थी। इस खरीदारी के बाद, GACL में GNFC की हिस्सेदारी 2.4% से बढ़कर 3.4% हो गई। स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 24 मार्च 2026 को कंपनी से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा था।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
यह सफाई निवेशकों के लिए अहम है, क्योंकि यह बताती है कि शेयर की कीमत में उछाल किसी छुपी हुई खबर की वजह से नहीं, बल्कि प्रमोटर के भरोसे (vote of confidence) का नतीजा है। यह भी साफ हो गया है कि शेयर की मूवमेंट प्रमोटर एक्टिविटी और मार्केट के सेंटीमेंट (market sentiment) से प्रभावित है।
Q3 FY26 के नतीजे
जहां तक कंपनी के हालिया नतीजों (financials) की बात है, तो दिसंबर 2025 को खत्म हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में GACL का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (consolidated revenue) ₹1,008 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 0.70% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी को इस तिमाही में ₹19.95 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (consolidated net loss) हुआ, जिसका एक कारण ₹18.29 करोड़ का इन्वेंट्री वैल्यूएशन करेक्शन (inventory valuation correction) भी रहा।
आगे क्या देखें?
GACL केमिकल सेक्टर (chemical sector) में Chemplast Sanmar, DCM Shriram और GHCL जैसी कंपनियों के साथ कॉम्पिटिशन (competition) में है। निवेशकों को आगे GNFC और अन्य प्रमोटरों की GACL में हिस्सेदारी पर नजर रखनी चाहिए, साथ ही कंपनी की आने वाली तिमाहियों के वित्तीय प्रदर्शन और क्षमता विस्तार (capacity expansion) योजनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
