कंपनी ने शेयरधारकों की मंजूरी के लिए पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू की है। इस प्रक्रिया के तहत, मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर अरविंद सिंघानिया का पद बदलकर नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट चेयरमैन करने और होल-टाइम डायरेक्टर आयुष वर्धन सिंघानिया के सालाना वेतन (remuneration) में संशोधन के प्रस्ताव रखे गए हैं।
शेयरधारक 24 अप्रैल, 2026 से 23 मई, 2026 तक होने वाले पोस्टल बैलेट में वोट करेंगे। प्रस्तावों के अनुसार, अरविंद सिंघानिया 26 मार्च, 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर (चेयरमैन और सीईओ) से नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट चेयरमैन की भूमिका संभालेंगे। वहीं, आयुष वर्धन सिंघानिया के लिए सालाना वेतन पैकेज ₹2.70 करोड़ से ₹3.00 करोड़ के बीच प्रस्तावित है, जो 27 मार्च, 2026 से 31 मई, 2027 तक प्रभावी रहेगा। पोस्टल बैलेट के नतीजों की घोषणा 26 मई, 2026 तक होने की उम्मीद है।
कंपनी के फाइनेंशियल्स ने हाल ही में मिले-जुले संकेत दिखाए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2024 में ₹43.33 करोड़ के नेट लॉस (net loss) के बाद, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹40.53 करोड़ का नेट प्रॉफिट (net profit) दर्ज किया है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू (revenue) बढ़कर ₹1070.46 करोड़ हो गया। इसकी तुलना में, फाइनेंशियल ईयर 2023 में कंपनी ने ₹1077.48 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹161.04 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था।
ये प्रस्तावित बदलाव कंपनी के लीडरशिप स्ट्रक्चर (leadership structure) और कम्पनसेशन (compensation) में एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग (restructuring) का संकेत देते हैं। अरविंद सिंघानिया का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनना उन्हें रोजमर्रा के ऑपरेशनल मैनेजमेंट (operational management) से हटकर स्ट्रैटेजिक ओवरसाइट (strategic oversight) पर फोकस करने का मौका दे सकता है। आयुष वर्धन सिंघानिया के लिए प्रस्तावित सैलरी एडजस्टमेंट (salary adjustment) उनके होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर जिम्मेदारियों के अनुरूप है।
हालांकि, कंपनी विभिन्न जोखिमों (risks) का सामना कर रही है। मैक्रोइकॉनॉमिक वोलेटिलिटी (macroeconomic volatility), जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं (geopolitical uncertainties) और करेंसी फ्लक्चुएशन्स (currency fluctuations) जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। चीनी मैन्युफैक्चरर्स द्वारा BOPET Films की प्रीडेटरी प्राइसिंग (predatory pricing) और पॉलिएस्टर फिल्म सेक्टर में ग्लोबल सप्लाई ग्लूट (supply glut) भी कंपनी के लिए दिक्कतें पैदा कर सकते हैं, जो डिमांड-सप्लाई बैलेंस (demand-supply balance) को प्रभावित कर सकते हैं।
पॉलिएस्टर फिल्म्स, स्पेशियलिटी केमिकल्स और पैकेजिंग फिल्म्स के निर्माता के तौर पर, Ester Industries का मुकाबला SRF Ltd, Jindal Poly Films Ltd और Reliance Industries Ltd जैसे प्रमुख कंपीटिटर्स (competitors) से है। ये कंपीटिटर्स रॉ मटेरियल कॉस्ट (raw material cost), ग्लोबल डिमांड शिफ्ट्स (global demand shifts) और प्राइजिंग प्रेशर (pricing pressure) जैसी समान इंडस्ट्री डायनामिक्स (industry dynamics) का सामना करते हैं।
निवेशक 26 मई, 2026 तक आने वाले शेयरधारक पोस्टल बैलेट के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
