Ester Industries ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह ऑफ-मार्केट (off-market) ट्रांजैक्शन 24 मार्च 2026 को हुआ। इसके तहत, प्रमोटर अरविंद सिंघानिया ने प्रमोटर आयुष वर्धन सिंघानिया को 756,285 इक्विटी शेयर गिफ्ट किए, जो कंपनी के 0.77% वोटिंग अधिकारों के बराबर हैं।
इस गिफ्ट के बाद, आयुष वर्धन सिंघानिया की कंपनी में सीधी हिस्सेदारी (direct stake) पहले के 0.18% (178,033 शेयर) से बढ़कर 0.95% (934,318 शेयर) हो गई है। वहीं, अरविंद सिंघानिया की सीधी होल्डिंग 0.77% (756,285 शेयर) से घटकर शून्य हो गई है। यह फाइलिंग 18 मार्च 2026 को की गई थी।
यह पूरा मामला प्रमोटर ग्रुप के भीतर शेयरों के ट्रांसफर का है। यानि, यह परिवार के सदस्यों के बीच शेयरों का पुनर्वितरण है। ऐसे ट्रांजैक्शन आमतौर पर कंपनी में नई पूंजी नहीं लाते और न ही प्रमोटर ग्रुप के कुल नियंत्रण (overall control) को बदलते हैं।
Ester Industries, जो कि पॉलीएस्टर फिल्म्स, स्पेशियलिटी पॉलिमर्स और इंजीनियरिंग प्लास्टिक कंपाउंड्स बनाती है, में प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी करीब 62.71% बनी हुई है। इसलिए, व्यक्तिगत प्रमोटरों की होल्डिंग में बदलाव के बावजूद, कंपनी का कंट्रोल प्रमोटर ग्रुप के पास ही रहेगा।
एक अन्य घटनाक्रम में, Ester Industries ने इसी तारीख (24 मार्च 2026) को प्रमोटर ग्रुप के भीतर कुछ अन्य प्रस्तावित शेयर ट्रांसफर को भी रद्द करने की घोषणा की थी। इन रद्दीकरण के पीछे व्यक्तिगत कारण या अप्रत्याशित परिस्थितियां बताई गई हैं।
संक्षेप में, इस ट्रांसफर से ये मुख्य बदलाव हुए हैं:
- आयुष वर्धन सिंघानिया की सीधी शेयरहोल्डिंग 0.18% से बढ़कर 0.95% हो गई।
- अरविंद सिंघानिया की सीधी शेयरहोल्डिंग 0.77% से घटकर 0% हो गई।
- प्रमोटर ग्रुप की कुल होल्डिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
यह शेयर ट्रांसफर भले ही एक गिफ्ट है, लेकिन उसी दिन अन्य प्रमोटर ट्रांसफर का रद्द होना यह संकेत देता है कि प्रमोटरों के बीच सौदों में कुछ अनिश्चितता या समायोजन हो सकता है। निवेशक आगे प्रमोटर शेयरहोल्डिंग पैटर्न में किसी भी बदलाव पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
