रिकॉर्ड रेवेन्यू की मुख्य वजहें
Epigral Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹736 करोड़ का शानदार रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹631 करोड़ था। यह 17% की जोरदार ग्रोथ मजबूत मांग और वॉल्यूम में सुधार के कारण संभव हुई है।
कंपनी ने शेयरधारकों को ₹5 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश भी की है। हालांकि, Q4 FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹87 करोड़ की तुलना में थोड़ा घटकर ₹82 करोड़ रहा।
पूरे साल का प्रदर्शन और कैपेक्स पर फोकस
पूरे वित्तीय वर्ष (FY26) के लिए, Epigral का रेवेन्यू ₹2,542 करोड़ रहा, जो FY25 से 1% कम है। EBITDA मार्जिन FY26 में 22% रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 25% था। कंपनी ने इसका कारण प्लांट यूटिलाइजेशन में कमी और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बताया है।
Epigral, जिसे पहले Meghmani Finechem के नाम से जाना जाता था, स्पेशियलिटी केमिकल प्लेयर बनने की राह पर है। कंपनी ने FY26 में ₹394 करोड़ का कैपेक्स (Capital Expenditure) किया है। इसमें CPVC Resin और Epichlorohydrin (ECH) जैसे अहम प्रोडक्ट्स की क्षमता विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। ये प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इनके H1 FY27 तक चालू होने की उम्मीद है।
इन विस्तारों के बाद, Epigral क्षमता के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा CPVC रेजिन उत्पादक और भारत का अग्रणी ECH उत्पादक बन जाएगा। साथ ही, कंपनी स्थायी संचालन के लिए एक विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्लांट भी जोड़ रही है।
मार्केट आउटलुक और जोखिम
यह क्षमता विस्तार भारत की बढ़ती मांग को पूरा करने और आयात को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कंपनी के चेयरमैन ने संकेत दिया है कि FY27 की ग्रोथ पर ग्लोबल इकोनॉमिक ट्रेंड्स का असर पड़ सकता है, जिससे बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव की आशंका है।
निवेशकों को ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता, कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता और बड़े कैपेक्स प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में आने वाली चुनौतियों जैसे जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
CPVC रेजिन सेगमेंट में Epigral का मुकाबला Astral Limited, Prince Pipes and Fittings Ltd और DCW Limited जैसी कंपनियों से है। Epichlorohydrin के क्षेत्र में Vizag Chemical और High Mountain Chem मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं, जबकि DCM Shriram भी इस बाजार में उतरने की तैयारी कर रहा है।
