वित्तीय साल 2026 का प्रदर्शन
वित्तीय साल 2026 में, Epigral का कुल स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 0.9% घटकर ₹2,542.16 करोड़ रहा। पूरे साल का नेट प्रॉफिट 6.64% की गिरावट के साथ ₹333.01 करोड़ पर पहुँच गया। इस सालाना प्रॉफिट में गिरावट का मुख्य कारण 8.65% की बढ़त के साथ ₹2,200.36 करोड़ तक पहुंचे कुल खर्च रहे।
Q4 FY26 में दिखी तेज़ी
इसके विपरीत, FY26 की अंतिम तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी ने दमदार प्रदर्शन दिखाया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में Q4 FY25 की तुलना में 16.57% की उछाल आई और यह ₹735.59 करोड़ पर पहुँच गया। तिमाही के प्रॉफिट को ₹80.87 करोड़ के एकमुश्त डेफ़र्ड टैक्स क्रेडिट (deferred tax credit) का भी सहारा मिला।
बढ़ता कर्ज और डिविडेंड
कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता का विषय मौजूदा लोन (current borrowings) में हुई भारी बढ़ोतरी है। FY25 में यह ₹135.61 करोड़ था, जो FY26 में बढ़कर ₹229.30 करोड़ हो गया। कंपनी ने Q3 FY25 में अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने का बड़ा प्रोजेक्ट पूरा किया था, जिसके चलते वर्किंग कैपिटल की जरूरतें बढ़ीं और लोन का स्तर बढ़ा है। हालांकि, शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर ₹5.00 का फाइनल डिविडेंड (final dividend) देने की सिफारिश की है।
निवेशकों के लिए प्रमुख चिंताएँ
Epigral के नतीजे तिमाही बिक्री में मजबूत तेजी और सालाना मुनाफावसूली में चुनौती के बीच एक बड़ा कंट्रास्ट दिखाते हैं। बढ़ते ऑपरेशनल खर्च और कर्ज के स्तर में भारी वृद्धि कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और भविष्य के विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं, जिन पर निवेशक बारीकी से नजर रखेंगे।
साथी कंपनियों से तुलना
Epigral के FY26 के प्रदर्शन, जिसमें रेवेन्यू में गिरावट और प्रॉफिट में कमी देखी गई, इंडस्ट्री के कुछ साथियों से अलग है। उदाहरण के लिए, Laxmi Organic Industries ने FY26 में लगभग 15% रेवेन्यू ग्रोथ और स्थिर मुनाफा दिखाया। वहीं, Navin Fluorine International का रेवेन्यू 10% बढ़ा, लेकिन मार्जिन दबाव के कारण नेट प्रॉफिट में केवल 5% की मामूली वृद्धि हुई।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजरें अब मैनेजमेंट के FY27 के आउटलुक, लागत दबाव से निपटने की रणनीति और बढ़ते कर्ज को संभालने की योजनाओं पर रहेंगी। साथ ही, नई मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का प्रदर्शन और उनका रेवेन्यू व मार्जिन में योगदान भी महत्वपूर्ण रहेगा।
