कंपनी के बोर्ड ने अब इंडस्ट्रियल पेंट्स और प्रोटेक्टिव कोटिंग्स मार्केट में बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। इस नई शुरुआत के लिए ₹80-100 करोड़ का शुरुआती निवेश किया जाएगा। यह ₹29,000 करोड़ का एक बड़ा और तेजी से बढ़ता हुआ मार्केट है, जिसमें सालाना 10% की ग्रोथ (CAGR) का अनुमान है।
हालांकि, इन सकारात्मक खबरों के बीच ऑडिटर की तरफ से आई चेतावनी पर ध्यान देना ज़रूरी है। कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों पर ऑडिटर ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) दी है, जो ESL Steel लिमिटेड से जुड़े जारी कानूनी विवादों की वजह से है। Electrosteel Castings मुख्य रूप से पानी की सप्लाई और सीवरेज सिस्टम के लिए जरूरी डक्टाइल आयरन (DI) पाइप्स बनाने के लिए जानी जाती है। कंपनी ने 2019 में NCLT प्रक्रिया के जरिए ESL Steel का अधिग्रहण किया था। तब से ही ESL Steel के फाइनेंसिंग, प्लेज्ड शेयर्स और मॉर्गेज्ड लैंड को लेकर कई कानूनी लड़ाइयां चल रही हैं।
ऑडिटर ने खासकर कोयला ब्लॉक कैंसलेशन क्लेम्स और ESL Steel के शेयर्स व जमीन से जुड़े विवादों पर लंबित मामलों को उजागर किया है। इन मामलों का सटीक वित्तीय असर अभी भी साफ नहीं है, क्योंकि ये अभी भी अदालतों में विचाराधीन हैं।
शेयरधारकों को कंपनी के प्रदर्शन के एवज में ₹0.90 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलेगा, बशर्ते यह आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में पास हो जाए। पेंट्स सेक्टर में उतरना कंपनी के लिए अपने मुख्य DI पाइप बिज़नेस के अलावा कमाई का एक नया जरिया बन सकता है।
DI पाइप सेगमेंट में Electrosteel Castings का सीधा मुकाबला Jindal SAW Ltd और Welspun Corp Ltd जैसी कंपनियों से है। वहीं, पेंट्स मार्केट में कंपनी को Asian Paints Ltd और Berger Paints जैसे दिग्गजों से टक्कर लेनी होगी, जिनकी अपनी मजबूत ब्रांड वैल्यू और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है।
मुख्य आंकड़ों की बात करें तो, FY25-26 के लिए ₹0.90 प्रति इक्विटी शेयर फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की गई है। इंडस्ट्रियल पेंट्स में ₹80-100 करोड़ का निवेश होगा। निवेशकों की नज़रें शेयरधारकों द्वारा डिविडेंड को मंजूरी देने, कोयला ब्लॉक और ESL Steel के कानूनी मामलों में होने वाली प्रगति पर रहेंगी। साथ ही, कंपनी नए पेंट बिज़नेस को कैसे आगे बढ़ाती है, यह भी देखना अहम होगा।