Dutron Polymers Ltd. के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबर आई है। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में ₹91.91 करोड़ का शानदार रेवेन्यू कमाया, जिस पर ₹2.70 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया गया।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। इस दौरान ₹23.02 करोड़ का रेवेन्यू आया और ₹0.49 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया गया।
अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों के लिए ₹1.5 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। लेकिन, इस डिविडेंड की राह आसान नहीं है।
कंपनी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में एक बड़े कानूनी विवाद का सामना कर रही है। यह मामला प्रमोटर्स द्वारा कथित उत्पीड़न और कुप्रबंधन (oppression and mismanagement) से जुड़ा है। इसी विवाद के चलते, NCLT ने पिछली बार FY24 के लिए एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) और फाइनल डिविडेंड पेमेंट को भी होल्ड पर रख दिया था। फिलहाल, NCLT की तरफ से निर्देशित मध्यस्थता (mediation) चल रही है, जिसका नतीजा कंपनी के भविष्य के लिए बेहद अहम होगा।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम NCLT में चल रहे ये मामले ही हैं। किसी भी प्रतिकूल फैसले से कंपनी की वित्तीय सेहत और कॉरपोरेट इमेज पर असर पड़ सकता है। बता दें कि Dutron Polymers पॉलीमर प्रोडक्ट्स सेक्टर में काम करती है। इसके मुकाबले बड़ी कंपनियां जैसे Polyplex Corporation Ltd., Cosmo First Limited, और Max Ventures & Industries Ltd. फिलहाल ऐसे किसी बड़े कानूनी पचड़े में नहीं फंसी हैं।
इसके अलावा, कंपनी ने FY2026-27 के लिए M/S RJ & Associates को कॉस्ट ऑडिटर और Darshit Oza & Associates को इंटरनल ऑडिटर भी नियुक्त किया है।
आगे निवेशकों की नजर NCLT केस में आने वाले अपडेट्स और मध्यस्थता प्रक्रिया पर रहेगी। साथ ही, FY26 की AGM और प्रस्तावित डिविडेंड को लेकर कंपनी की घोषणाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।
