Deepak Nitrite Limited और उसकी पूरी तरह से अपनी मालिकी वाली सब्सिडियरी Deepak Phenolics Limited ने मिलकर, अपनी एक और यूनिट Deepak Chem Tech Limited (DCTL) के वित्तीय आधार को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दोनों कंपनियों ने मिलकर DCTL में ₹135 करोड़ का निवेश किया है। यह निवेश 9% कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (convertible preference shares) के जरिए हुआ है। इस राशि में, Deepak Phenolics Limited ने ₹110 करोड़ और Deepak Nitrite ने ₹25 करोड़ लगाए हैं। यह सभी ट्रांज़ैक्शन्स ₹100 प्रति शेयर के पार वैल्यू (par value) पर हुए हैं।
इस कैपिटल इंजेक्शन (capital injection) का मुख्य मकसद DCTL की बैलेंस शीट (balance sheet) को मजबूत करना है, ताकि यह अपने चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स के खर्चों और सामान्य कॉर्पोरेट (corporate) जरूरतों को पूरा कर सके। यह फंड DCTL की महत्वाकांक्षी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए पैरेंट कंपनियों (parent companies) की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Deepak Chem Tech Limited (DCTL) नई केमिकल एरियाज़ में Deepak Nitrite के विस्तार (expansion) का एक मुख्य स्तंभ है। DCTL नाइट्रिक एसिड (Nitric Acid) प्रोडक्शन, फ्लोरीनेशन (fluorination), निट्रेशन (nitration) और हाइड्रोजनेशन (hydrogenation) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सक्रिय है। कंपनी ₹5,000 करोड़ के पॉलीकार्बोनेट (Polycarbonate) प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है। इसकी व्यापक कैपेक्स (capex) स्ट्रेटेजी, जो आने वाले सालों में ₹14,000 करोड़ तक पहुंच सकती है, Deepak Nitrite की ओवरऑल इन्वेस्टमेंट प्लानिंग (investment planning) के अनुरूप है।
इस फंड की वजह से DCTL की फाइनेंशियल पोजीशन (financial position) मजबूत होगी, जिससे वह बड़े प्रोजेक्ट्स को आसानी से संभाल पाएगी। हालाँकि, DCTL के टर्नओवर (turnover) में अभी भी एक बड़ा गैप है – FY24 में यह सिर्फ ₹0.86 करोड़ था, जिसके FY25 में बढ़कर ₹9.43 करोड़ होने की उम्मीद है। यह दर्शाता है कि कंपनी अपने बड़े प्रोजेक्ट्स के शुरुआती चरण में है, और इसकी असली सफलता प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और मार्केट एक्सेप्टेंस (market acceptance) पर निर्भर करेगी।
Deepak Nitrite केमिकल मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। इसके प्रमुख कॉम्पिटिटर्स (competitors) में Tata Chemicals, Aarti Industries और Navin Fluorine International जैसे नाम शामिल हैं। DCTL जैसी सब्सिडियरीज़ के माध्यम से, Deepak Nitrite उभरते हुए केमिकल सेक्टर में लीडरशिप हासिल करने की कोशिश कर रहा है, जो इसके कॉम्पिटिटर्स की एक्सपैंशन स्ट्रेटेजी (expansion strategy) को भी दर्शाता है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी रहेंगी कि DCTL इस ₹135 करोड़ का उपयोग कैसे करता है, इसके प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन क्या रहती है, और इसके टर्नओवर में कितनी स्थायी ग्रोथ (sustained growth) देखने को मिलती है।