DIC India Limited ने 23 मार्च 2026 को अपनी 78वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) सफलतापूर्वक संपन्न की। इस बैठक में शेयरधारकों ने कंपनी के 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दी। साथ ही, ₹3 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया गया, जो निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है।
हालांकि, कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों में कुछ चिंताएं भी दिखीं। FY25 में DIC India का रेवेन्यू 1.16% बढ़कर ₹89,178.85 लाख पर पहुंच गया। लेकिन, नेट प्रॉफिट में 11.07% की गिरावट आई और यह ₹1,737.66 लाख रह गया। कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड से जुड़े खास खर्चों के कारण मुनाफे में यह कमी आई।
कंपनी विभिन्न रेगुलेटरी मामलों से भी निपट रही है। DIC India ने SEBI के साथ एक मामले को ₹34.32 लाख में सेटल किया है, जो कथित डिस्क्लोजर लैप्स से जुड़ा था। इसके अलावा, कंपनी FY22-23 के लिए इनकम टैक्स के एक ड्राफ्ट ऑर्डर को चुनौती दे रही है, जिसमें ₹3.84 करोड़ के समायोजन का प्रस्ताव है। राहत की बात यह रही कि GST डिमांड को घटाकर ₹3.81 लाख कर दिया गया।
मीटिंग में डायरेक्टर श्री हायाटो काशीवागी (Mr. Hayato Kashiwagi) और श्री अदनान वजहत अहमद (Mr. Adnan Wajhat Ahmad) को फिर से नियुक्त किया गया। साथ ही, नए कॉस्ट ऑडिटर के तौर पर M/s. चंद्र वाधवा एंड कंपनी (M/s. Chandra Wadhwa & Co.) की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली।
