DIC India Limited ने अपनी 78वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है।
कंपनी ने शेयरधारकों को ₹3 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का भुगतान करने की घोषणा की है।
ऑपरेशन्स से कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 1.16% बढ़कर ₹89,178.85 लाख तक पहुंच गया।
हालांकि, लेबर कोड के इम्प्लीमेंटेशन से जुड़े ख़ास खर्चों (exceptional expenses) के चलते नेट प्रॉफिट में 11.07% की गिरावट आई है और यह ₹1,737.66 लाख पर आ गया।
कंपनी ने पिछले 12 महीनों में कुल ₹7.00 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था, जिससे शेयरधारकों को लगातार रिटर्न मिलता रहा है।
बोर्ड में कुछ अहम नियुक्तियां भी हुईं, जिनमें मिस्टर हयाटो काशीwaagi का नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर पुनः-चयन और मिस्टर अदनान वजहत अहमद का तीन साल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में कार्यकाल बढ़ाना शामिल है। साथ ही, M/s. चंद्रा वाधवा एंड कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) नियुक्त किया गया है।
DIC India Limited, जापान की DIC Corporation की सहायक कंपनी है और भारत में प्रिंटिंग इंक (Printing Ink) और संबंधित उत्पादों के बाजार में एक प्रमुख नाम है। कंपनी का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसकी शुरुआत 1937 में कोट्स ऑफ इंडिया लिमिटेड के तौर पर हुई थी।
एक अन्य नियामक मामले में, DIC India ने मार्च 2025 में SEBI के साथ एक केस का निपटारा किया था, जिसमें लगभग ₹34.32 लाख का भुगतान किया गया था। यह मामला सीनियर मैनेजमेंट में बदलाव और उनके रेमुनरेशन (remuneration) की जानकारी समय पर न देने से जुड़ा था, जो कंपनी की अनुपालन (compliance) को दर्शाता है।
चौथी तिमाही (Q4 FY2025) में, जो 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई, DIC India ने ₹23,193.07 लाख का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹455.64 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया।
निवेशक अब AGM वोटिंग नतीजों और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
