DCM Shriram का केमिकल सेक्टर में बड़ा कदम
DCM Shriram ने 1 अप्रैल 2026 को ऐलान किया कि गुजरात के झागड़िया स्थित उनका ईसीएच (Epichlorohydrin) प्लांट अब पूरी तरह से 52,000 TPA की क्षमता पर काम कर रहा है। प्लांट के 17,000 TPA (टन प्रति वर्ष) क्षमता वाले अंतिम चरण के चालू होने के साथ ही, इस सुविधा की कुल उत्पादन क्षमता 52,000 TPA तक पहुंच गई है। इससे पहले, 35,000 TPA क्षमता वाला पहला चरण अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था।
यह विस्तार क्यों है खास?
यह विस्तार DCM Shriram की मार्केट पोजीशन को और मजबूत करता है और केमिकल सेक्टर में वर्टिकल इंटीग्रेशन को बढ़ाता है। ईसीएच (ECH) एक महत्वपूर्ण केमिकल है जिसका उपयोग लिक्विड एपॉक्सी रेजिन (LER) बनाने में होता है। ये रेजिन कोटिंग्स, एडहेसिव्स, कंपोजिट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभिन्न उद्योगों में काम आते हैं। बढ़ी हुई क्षमता से DCM Shriram इन सेक्टर्स की बढ़ती मांग को पूरा करने में बेहतर स्थिति में होगा।
टिकाऊ तकनीक और रणनीति
यह प्लांट यूरोपीय तकनीक का इस्तेमाल करता है और फीडस्टॉक (कच्चा माल) के तौर पर ग्लिसरीन का उपयोग करता है, जो पारंपरिक प्रोपलीन-आधारित तरीकों की तुलना में अधिक टिकाऊ (sustainable) तरीका माना जाता है। ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर यह जोर इंडस्ट्री के मौजूदा रुझानों के अनुरूप है। यह ईसीएच सुविधा कंपनी की वर्टिकल इंटीग्रेशन की रणनीति का अहम हिस्सा है, जो इसके क्लोर-अल्कली (chlor-alkali) बिजनेस को एडवांस मैटेरियल्स से जोड़ती है और पूरी सप्लाई चेन में वैल्यू बढ़ाती है।
मुख्य बातें और प्रतिस्पर्धा
पूरी क्षमता चालू होने से DCM Shriram अब 52,000 TPA की अपनी पूरी क्षमता पर ईसीएच का उत्पादन कर रहा है। इससे भारतीय ईसीएच मार्केट में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी और क्लोर-अल्कली ऑपरेशन्स व ईसीएच उत्पादन के बीच बेहतर तालमेल (operational synergy) देखने को मिलेगा।
हालांकि, इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। Epigral Limited जैसी कंपनियां, जो टिकाऊ उत्पादन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं। Epigral का दावा है कि वे 100% नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग करके ईसीएच बनाने वाली भारत की पहली कंपनी हैं और वे भी क्षमता विस्तार कर रहे हैं। अन्य मार्केट प्लेयर्स में Meghmani Finechem Limited और Dhalop Chemicals शामिल हैं।
जोखिम और पिछला प्रदर्शन
ईसीएच और कच्चे माल की कीमतों में बाजार की स्थितियों के कारण उतार-चढ़ाव आ सकता है, जो एक जोखिम कारक है। हाल ही में, मार्च 2025 में, DCM Shriram को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से एक मूल्यांकन से संबंधित ₹7.325 मिलियन (73.25 लाख रुपये) के जुर्माने का आदेश मिला था। कंपनी ने कानूनी कार्रवाई की योजना बनाई है और इसका प्रभाव कंपनी के लिए नगण्य माना जा रहा है। Q3 FY26 में DCM Shriram के केमिकल बिजनेस में वॉल्यूम-आधारित वृद्धि देखी गई थी, और ECH प्लांट ने बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई है।
आगे क्या?
आगे चलकर, ऑटोमोटिव, कंस्ट्रक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे ईसीएच-आधारित क्षेत्रों की मांग DCM Shriram के ईसीएच बिजनेस के भविष्य और लाभप्रदता (profitability) को निर्धारित करेगी।
