Coromandel Share Price: रेवेन्यू में 30% की बंपर बढ़त, पर मुनाफे पर लगा ब्रेक! जानिए क्या है वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Coromandel Share Price: रेवेन्यू में 30% की बंपर बढ़त, पर मुनाफे पर लगा ब्रेक! जानिए क्या है वजह
Overview

Coromandel International ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए **30%** की जोरदार रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹31,827 करोड़** का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि, कंपनी का मुनाफा **8%** घटकर **₹1,898 करोड़** रहा।

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रेवेन्यू में जोरदार उछाल, कैपेसिटी और नेटवर्क का कमाल

Coromandel International ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 30% बढ़कर ₹31,827 करोड़ तक पहुंच गया। इस दमदार ग्रोथ की मुख्य वजह कंपनी की बढ़ाई गई कैपेसिटी और मजबूत रिटेल नेटवर्क रहा। कंपनी ने काकीनाडा में नए सल्फ्यूरिक और फॉस्फोरिक एसिड प्लांट्स को चालू किया, जिससे बैकवर्ड इंटीग्रेशन और एफिशिएंसी में सुधार हुआ है। वहीं, कंपनी के एग्री-रिटेल नेटवर्क का विस्तार होकर अब 1200 सेंटर्स तक पहुंच गया है, जिससे किसानों तक पहुंच और मजबूत हुई है।

मुनाफे पर क्यों पड़ा दबाव?

इतनी मजबूत बिक्री के बावजूद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी कुछ वजहों से दबाव में रही। रॉ मैटेरियल की कीमतों में अस्थिरता और करेंसी के उतार-चढ़ाव ने कंपनी के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पर असर डाला, जो 8% घटकर ₹1,898 करोड़ पर आ गया। बता दें कि Q4 में PAT में 80% की गिरावट देखी गई थी। मार्जिन को स्थिर करने और पारंपरिक फर्टिलाइजर सेगमेंट पर निर्भरता कम करने के लिए, Coromandel स्पेशलिटी न्यूट्रिएंट्स और क्रॉप प्रोटेक्शन जैसे सेग्मेंट्स में भी अपने बिजनेस को डाइवर्सिफाई करने पर फोकस कर रही है।

डिविडेंड और आगे की कैपेसिटी

कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹2 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है, जिससे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कुल डिविडेंड ₹11 प्रति शेयर हो गया है। यह मार्जिन दबाव के बावजूद कंपनी के आत्मविश्वास को दर्शाता है। एसिड प्रोडक्शन के लिए नई मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी अब ऑपरेशनल है। वहीं, फर्टिलाइजर ग्रेनुलेशन कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है, जिसके Q4 FY26-27 तक पूरा होने की उम्मीद है।

इंडस्ट्री में चुनौतियां और जोखिम

Coromandel एक ऐसे सेक्टर में काम करती है जहां इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता और सप्लाई चेन में रुकावटें आम हैं। UPL Ltd, Rallis India, और Chambal Fertilisers जैसी कंपनियां भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना करती हैं। फर्टिलाइजर सेक्टर सरकारी सब्सिडी नीतियों से भी प्रभावित होता है। Coromandel का न्यूट्रिएंट बिजनेस रॉ मैटेरियल कीमतों और करेंसी के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है।

फाइनेंशियल स्नैपशॉट (FY25 vs FY26)

  • कंसोलिडेटेड टोटल इनकम: FY25 के ₹24,444 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹31,827 करोड़ हुई।
  • कंसोलिडेटेड PAT: FY25 के ₹2,055 करोड़ से घटकर FY26 में ₹1,898 करोड़ रहा।
  • स्टैंडअलोन PAT: FY25 के ₹1,941 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹2,009 करोड़ हुआ।

आगे क्या देखें?

निवेशक काकीनाडा में फर्टिलाइजर ग्रेनुलेशन कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट के पूरा होने की टाइमलाइन पर करीबी नजर रखेंगे। नए एसिड प्लांट्स की प्रॉफिटेबिलिटी और कॉस्ट स्ट्रक्चर पर क्या असर पड़ता है, यह भी देखने वाली बात होगी। एग्री-रिटेल नेटवर्क का लगातार बढ़ना और मैनेजमेंट का इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता और करेंसी जोखिमों को संभालने का तरीका अहम होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.