दमदार नतीजे और डिविडेंड का प्रस्ताव
Bhansali Engineering Polymers के बोर्ड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इस अवधि में ₹341.61 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जिस पर ₹51.60 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) कमाया है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1435.13 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹180.01 करोड़ था, इसलिए इस बार के नतीजे पिछले साल की तुलना में कम रहे हैं।
शेयरधारकों को ₹1 प्रति शेयर डिविडेंड
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए प्रति इक्विटी शेयर ₹1 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। इस डिविडेंड के भुगतान की उम्मीद 31 जुलाई, 2026 तक है। इसके साथ ही, 1 अप्रैल, 2027 से अगले तीन वर्षों के लिए मिस्टर दिलीप कृष्णाराव शेंद्रे की होल टाइम डायरेक्टर (Whole Time Director) के तौर पर पुनः नियुक्ति को भी आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार
कंपनी की भविष्य की योजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण है उत्पादन क्षमता का विस्तार। Bhansali Engineering Polymers अपनी मौजूदा 75,000 TPA क्षमता को बढ़ाकर 1 लाख TPA तक ले जाने पर काम कर रही है। इस विस्तार परियोजना के सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस कदम से कंपनी ABS और SAN रेजिन के मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करेगी और बढ़ती मांग को बेहतर तरीके से पूरा कर पाएगी।
कंपनी का इतिहास और आगे क्या उम्मीदें
1984 में स्थापित Bhansali Engineering Polymers, भारत के पेट्रोकेमिकल सेक्टर का एक अहम हिस्सा है, जो ABS और SAN रेजिन के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। अतीत में कंपनी SEBI की जांच और कंपनी लॉ बोर्ड में प्रबंधन संबंधी मामलों का सामना कर चुकी है। भारत में सीधे तौर पर ABS और SAN रेजिन पर केंद्रित लिस्टेड कंपनियों की संख्या सीमित है, पर Ineos Styrolution India Ltd. जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
अब सबकी नजर 21 जुलाई, 2026 को होने वाली 42वीं AGM पर रहेगी, जहां डिविडेंड और डायरेक्टर की नियुक्ति पर अंतिम फैसला होगा। इसके अलावा, सितंबर 2026 तक क्षमता विस्तार के पूरा होने और उसके बाद कंपनी के प्रदर्शन में किस तरह का सुधार आता है, इस पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
