₹10.52 करोड़ का टैक्स डिमांड और ₹10.52 करोड़ का जुर्माना!
CGST अथॉरिटी ने Bhageria Industries Limited को जो डिमांड ऑर्डर भेजा है, वह साफ तौर पर ₹10.52 करोड़ के टैक्स की मांग करता है। इतना ही नहीं, कंपनी पर ₹10.52 करोड़ का बराबर जुर्माना भी लगाया गया है। इसके साथ ही लागू ब्याज भी जोड़ा जाएगा। यह सब फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए अयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों को लेकर है।
कंपनी की अगली चाल: अपील
Bhageria Industries, जो डाईज़ (dyes), डाई इंटरमीडिएट्स (dye intermediates) और सोलर पावर (solar power) के कारोबार में है, ने इस डिमांड को चुनौती देने का फैसला किया है। कंपनी कमिश्नर (अपील्स) के पास जाकर इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी। मैनेजमेंट का कहना है कि इस अपील प्रक्रिया से कंपनी पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा।
अगर अपील फेल हुई तो क्या होगा?
यह मामला शेयरधारकों के लिए काफी अहम है। अगर कंपनी की अपील कामयाब नहीं होती है, तो Bhageria Industries को ₹10.52 करोड़ का टैक्स, ₹10.52 करोड़ का जुर्माना और इन पर लगने वाला ब्याज देना पड़ सकता है। यह कुल मिलाकर ₹21 करोड़ से ज्यादा की रकम बनती है, जो कंपनी की लिक्विडिटी (liquidity) और प्रॉफ़िटेबिलिटी (profitability) पर भारी पड़ सकती है, खासकर अगर कानूनी लड़ाई लंबी खिंचती है।
कंपनी के लिए यह कोई नई बात नहीं
यह पहला मौका नहीं है जब Bhageria Industries को GST संबंधी ऐसी बड़ी डिमांड का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी कंपनी को ₹2.92 करोड़ और ₹7,24,568 (टैक्स, ब्याज और पेनल्टी मिलाकर) की GST डिमांड नोटिस मिल चुके हैं। सितंबर 2023 में तो कंपनी की क्रेडिट रेटिंग भी डाउनग्रेड हुई थी, जो शायद ऐसी ही चुनौतियों का संकेत दे रही थी।
शेयरधारकों के लिए क्या दांव पर है?
इस डिमांड नोटिस के मामले में कंपनी अब कानूनी लड़ाई लड़ेगी। निवेशकों की निगाहें इस पूरी प्रक्रिया पर टिकी रहेंगी। यह पूरा मामला ₹21.04 करोड़ प्लस ब्याज के कुल संभावित देनदारी का है, जिसका नतीजा अपील पर निर्भर करेगा।