Acuite Ratings का 'स्टेबल' आउटलुक, पर वित्तीय सेहत पर सवाल
Acuite Ratings & Research ने Auro Laboratories Limited की कुल ₹79.80 करोड़ की बैंक फैसिलिटीज के लिए 'ACUITE BB+; Stable' की रेटिंग और 'स्टेबल' आउटलुक बरकरार रखा है। यह रेटिंग कंपनी के बड़े पैमाने पर चल रहे कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) को देखते हुए दी गई है, जिसका मकसद मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाना है।
क्षमता विस्तार और भविष्य की योजनाएं
कंपनी अपने कैपेक्स के जरिए मौजूदा 1,260 MT प्रति वर्ष की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर 2,100 MT तक ले जाने की योजना बना रही है। यह नया ब्लॉक अगस्त 2025 तक चालू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, Auro Laboratories टैबलेट जैसे फॉर्मूलेशन प्रोडक्ट्स में उतरकर फॉरवर्ड इंटीग्रेशन की ओर भी कदम बढ़ा रही है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी के प्रमोटरों के अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड को इस 'स्टेबल' आउटलुक का एक अहम कारण बताया है।
कर्ज का बढ़ता बोझ और मार्जिन पर दबाव
हालांकि, रेटिंग में कुछ बड़ी चुनौतियां भी रेखांकित की गई हैं। इनमें सबसे प्रमुख है कैपेक्स के लिए लिए गए डेट (कर्ज) के कारण कंपनी के लीवरेज (Leverage) में हुई बढ़ोतरी। इसके अलावा, ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव और कच्चे माल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव भी कंपनी के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
FY2025 के नतीजे रहे निराशाजनक
कंपनी के FY2025 के वित्तीय नतीजे मिले-जुले रहे। ऑपरेटिंग इनकम में गिरावट दर्ज की गई। प्रॉफिटेबिलिटी पर भी गहरा असर पड़ा है, जहां PAT मार्जिन 14.53% (FY2024) से गिरकर 9.48% (FY2025) रह गया। वित्तीय जोखिमों की बात करें तो, कंपनी का टोटल डेट टू टेंजिबल नेट वर्थ रेशियो 0.63x (FY2024) से बढ़कर 1.05x (FY2025) हो गया है। वहीं, PBDIT टू इंटरेस्ट कवरेज जैसे महत्वपूर्ण पैरामीटर में भारी गिरावट आई है, जो 16.55x (FY2024) से लुढ़ककर सिर्फ 3.75x (FY2025) रह गया है।
भविष्य के लिए प्रमुख जोखिम और निगरानी बिंदु
कंपनी को आने वाले समय में बढ़े हुए लीवरेज, क्षमता विस्तार के एग्जीक्यूशन में संभावित दिक्कतें, प्रॉफिटेबिलिटी में अस्थिरता और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट जैसी चुनौतियों से निपटना होगा। इंडस्ट्री में Divi's Laboratories जैसे बड़े खिलाड़ियों की तुलना में Auro Laboratories का पैमाना अभी छोटा है।
