कंपनी का घाटा और तिमाही नतीजे
Astec Lifesciences ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹80.88 करोड़ का समेकित नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया है। वहीं, कंपनी का समेकित रिवेन्यू ₹448.15 करोड़ रहा।
चौथी तिमाही, जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई, में कंपनी को ₹7.75 करोड़ का नेट लॉस हुआ।
अहम शेयरहोल्डर मीटिंग और नियुक्तियां
कंपनी ने अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए 31 जुलाई, 2026 की तारीख तय की है। इस मीटिंग में शेयरहोल्डर्स अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए डायरेक्टर्स की नियुक्ति और संबंधित पार्टियों के साथ होने वाले महत्वपूर्ण लेन-देन (Material Related Party Transactions) जैसे प्रस्तावों पर वोट करेंगे।
कंपनी की पृष्ठभूमि और पिछली परफॉरमेंस
Astec Lifesciences, Godrej Agrovet की सब्सिडियरी (subsidiary) है और यह एग्रोकेमिकल एक्टिव इंग्रेडिएंट्स (agrochemical active ingredients) और फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट्स (pharmaceutical intermediates) बनाती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY25 में कंपनी को ₹134.81 करोड़ का नेट लॉस हुआ था, जबकि रिवेन्यू ₹386.93 करोड़ था। कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए जुलाई 2025 में एक राइट्स इश्यू (rights issue) के जरिए लगभग ₹249-250 करोड़ जुटाए थे।
पैरेंट कंपनी पर SEBI की चेतावनी
अलग से, Astec की पैरेंट कंपनी, Godrej Agrovet को सितंबर 2025 में SEBI (Securities and Exchange Board of India) से एक एडमिनिस्ट्रेटिव वार्निंग (administrative warning) मिली थी। यह वार्निंग 2017 से 2020 के बीच Astec Lifesciences के अधिग्रहण से संबंधित डिस्क्लोजर (disclosures) में देरी के कारण दी गई थी।
डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर शेयरहोल्डरों का फैसला
आगामी AGM में, शेयरहोल्डर्स मिस्टर विशाल शर्मा (Mr. Vishal Sharma) और मिस्टर बर्जिस एन. गोडरेज (Mr. Burjis N. Godrej) को एडिशनल डायरेक्टर्स (Additional Directors), मिस्टर अरिजीत मुखर्जी (Mr. Arijit Mukherjee) को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Executive Director), और मिस्टर मैथ्यू ईपे (Mr. Mathew Eipe) को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के तौर पर मंजूरी देंगे।
संभावित नियामक जोखिम
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Maharashtra Pollution Control Board) द्वारा कचरा निपटान (waste disposal) से संबंधित कथित पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन को लेकर दायर किया गया एक लंबित केस, कंपनी के लिए संभावित नियामक जोखिम (regulatory risk) पेश करता है।
