कंपनी के बोर्ड ने कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन प्लान, 2012 (ESOP 2012) के तहत इन ऑप्शंस को मंजूरी दी है। इन ऑप्शंस की खासियत यह है कि इन्हें तीन साल की अवधि में धीरे-धीरे वेस्ट (vest) किया जाएगा, जिसका मतलब है कि कर्मचारी इन पर तुरंत अधिकार नहीं जमा सकेंगे।
वेस्टिंग पीरियड पूरा होने के बाद, कर्मचारी को इन ऑप्शंस को एक्सरसाइज करने के लिए एक महीना का समय मिलेगा। इस तरह के कदम आमतौर पर कंपनी के मुख्य कर्मचारियों को प्रेरित करने और उन्हें कंपनी के साथ लंबे समय तक जोड़े रखने के लिए उठाए जाते हैं।
हालांकि, शेयरधारकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि स्टॉक ऑप्शंस से भविष्य में शेयरों का डायल्यूशन (Dilution) हो सकता है। लेकिन, Astec Lifesciences द्वारा मंजूर किए गए ऑप्शंस की संख्या काफी कम है, जिससे मौजूदा शेयरों पर तुरंत किसी बड़े प्रभाव की आशंका नहीं है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे वेस्टिंग की समय-सीमा और उसके बाद ऑप्शंस के इस्तेमाल पर नज़र रखें। कंपनी के समग्र वित्तीय प्रदर्शन और शेयर की कीमत पर भी नजर रखना अहम होगा।
