Apollo Pipes के रेवेन्यू में ₹1100 करोड़ का बड़ा उछाल, पर EBITDA में **30%** गिरी गिरावट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Apollo Pipes के रेवेन्यू में ₹1100 करोड़ का बड़ा उछाल, पर EBITDA में **30%** गिरी गिरावट
Overview

Apollo Pipes ने FY26 में **₹1,100 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो **1 लाख टन** की सेल्स वॉल्यूम का आंकड़ा पार कर गया है। हालांकि, इन्वेंट्री राइट-डाउन और आक्रामक प्राइसिंग स्ट्रेटेजी के कारण कंसोलिडेटेड EBITDA में **30%** की गिरावट आई है।

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Apollo Pipes का बड़ा लक्ष्य: FY31 तक ₹5,000 करोड़ का रेवेन्यू

Apollo Pipes ने हाल ही में अपने FY26 के वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने ₹1,100 करोड़ का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया है। यह 1 लाख टन की वार्षिक बिक्री मात्रा के मील के पत्थर को पार करने में भी सफल रही है।

मुनाफे पर दबाव का कारण

रेवेन्यू में वृद्धि के बावजूद, पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कंसोलिडेटेड EBITDA में 30% की गिरावट देखी गई है। कंपनी के मैनेजमेंट ने इसके पीछे के मुख्य कारणों में इन्वेंट्री राइट-डाउन, आक्रामक प्राइसिंग स्ट्रेटेजी और नए प्रोडक्ट्स जैसे खिड़कियां (windows) और बाथ फिटिंग (bath fittings) के लिए स्टार्टअप कॉस्ट को बताया है। पूरे साल PVC कीमतों में अस्थिरता एक बड़ा फैक्टर रही।

भविष्य की योजनाएं और ग्रोथ स्ट्रैटेजी

Apollo Pipes ने FY31 तक ₹5,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी साउथ इंडिया में ₹1,000 करोड़ की क्षमता वाला एक नया प्लांट लगा रही है, जिसके FY28 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, Kisan Mouldings के साथ प्रस्तावित मर्जर (merger) भी कंपनी के लिए एक अहम कदम है।

निवेशकों के लिए अहम डीटेल्स

  • कंपनी की नजरें वॉल्यूम ग्रोथ और मार्केट शेयर बढ़ाने पर हैं, जिसका लक्ष्य अगले 3-4 सालों में 3.5% तक पहुंचना है।
  • Kisan Mouldings के साथ मर्जर रेवेन्यू और मार्केट प्रेजेंस को बढ़ाने में मदद करेगा।
  • FY23 में ₹300 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) के जरिए प्रोडक्शन वॉल्यूम को दोगुना करने का प्रयास किया गया था।
  • वर्किंग कैपिटल साइकिल को FY26 के अंत में 46 दिनों से घटाकर FY27 के अंत तक 35 दिनों से कम करने का लक्ष्य है।

जोखिम और कॉम्पिटिशन

  • PVC कीमतों में उतार-चढ़ाव: कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता सीधे प्रॉफिट मार्जिन पर असर डालती है।
  • आक्रामक प्राइसिंग: वॉल्यूम बढ़ाने के लिए आक्रामक कीमत नीतियां अपनाने से तात्कालिक लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है।
  • रियल एस्टेट और इंफ्रा सेक्टर: इन क्षेत्रों में मंदी का सीधा असर पाइप की डिमांड पर पड़ सकता है।

Apollo Pipes का मुकाबला Supreme Industries Ltd, Astral Limited और Prince Pipes and Fittings Ltd जैसी बड़ी कंपनियों से है। Astral Limited अपने CPVC सेगमेंट में लगातार ग्रोथ दिखा रही है, जबकि Supreme Industries अपने बड़े आकार और विविध प्रोडक्ट रेंज के कारण मजबूत EBITDA मार्जिन (15-18%) हासिल करती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.