CDMO की मजबूती और नए क्षेत्रों में विस्तार
कंपनी ने FY26 में ₹356.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) हासिल किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा है। इसके पीछे मुख्य वजह एडवांस्ड फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट्स सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ रही, जो CDMO ऑपरेशन का एक अहम हिस्सा है। FY26 की चौथी तिमाही में इस सेगमेंट के रेवेन्यू में 43.9% की जबरदस्त साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की गई।
नए मोर्चों पर Acutaas Chemicals
Acutaas Chemicals अब बैटरी केमिकल्स और सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स जैसे हाई-पोटेंशियल सेक्टर्स में भी कदम रख रही है। कंपनी ने पहले ही दो बैटरी केमिकल प्रोडक्ट्स को कमर्शियलाइज कर दिया है और FY27 में दो और लॉन्च करने की योजना है। जापान और साउथ कोरिया के ग्राहकों को सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स की पहली शिपमेंट भी शुरू हो चुकी है। कंपनी ने साउथ कोरिया की ज्वाइंट वेंचर Indichem Inc. में ₹190 करोड़ का निवेश भी किया है, जहां एक नया आर एंड डी (R&D) सेंटर भी अब काम कर रहा है।
भविष्य की राह और चुनौतियाँ
कंपनी का मैनेजमेंट FY27 में 25% के रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है और उम्मीद है कि EBITDA मार्जिन FY26 के स्तर (जो 34.5% से 35% के बीच था) पर बना रहेगा।
हालांकि, Acutaas Chemicals के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव सप्लाई चेन को बाधित कर रहा है और रॉ मटेरियल की कीमतें बढ़ा रहा है। ग्लोबल शिपिंग में व्यवधान और वर्किंग कैपिटल डेज का 114 दिनों से बढ़कर 120 दिनों तक पहुंचना भी ऑपरेशनल दिक्कतें पैदा कर सकता है।
गौरतलब है कि Acutaas Chemicals, जो पहले Ami Organics के नाम से जानी जाती थी, जुलाई 2023 में रीब्रांड हुई। यह बदलाव कंपनी की मल्टी-वर्टिकल केमिकल सॉल्यूशंस प्रोवाइडर बनने की रणनीति को दर्शाता है, जिसके लिए आर एंड डी क्षमताओं को दस गुना बढ़ाने की भी योजना है।
