ESG रेटिंग में मामूली गिरावट, पर 'लीडर' का टैग बरकरार
NSE Sustainability Ratings & Analytics Ltd ने Yes Bank के ESG परफॉर्मेंस का नया मूल्यांकन जारी किया है। वित्तीय वर्ष (Financial Year) 2024-25 के लिए बैंक का ESG स्कोर 77 आंका गया है, जो पिछले साल यानी FY2023-24 के 76 स्कोर से थोड़ा बेहतर है, लेकिन पिछले मूल्यांकन 78 से थोड़ा कम है। गनीमत यह है कि बैंक ने अपना 'लीडर कैटेगरी' स्टेटस बनाए रखा है। यह अपडेट 3 अप्रैल, 2026 को सामने आया।
ESG रेटिंग क्यों है अहम?
आजकल निवेशक उन कंपनियों में पैसा लगाना पसंद करते हैं जो पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के मानकों का पालन करती हैं। Yes Bank जैसी बैंक के लिए, मजबूत ESG प्रोफाइल न केवल संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) को आकर्षित करने के लिए, बल्कि अपनी प्रतिष्ठा बनाने के लिए भी बेहद जरूरी है, खासकर बैंक के पिछले वित्तीय और गवर्नेंस से जुड़े उतार-चढ़ावों को देखते हुए। 'लीडर कैटेगरी' में बने रहना बताता है कि कंपनी जिम्मेदार तरीके से अपना कारोबार कर रही है।
Yes Bank की सस्टेनेबिलिटी यात्रा और पिछली चुनौतियां
Yes Bank ने सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) के क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं, जैसे ग्रीन बॉन्ड (Green Bond) जारी करना और डिजिटल फाइनेंसियल सॉल्यूशंस (Digital Financial Solutions) का विकास। हाल के वर्षों में, बैंक को ESG असेसमेंट में लगातार अच्छे अंक मिले हैं। उदाहरण के लिए, S&P Global Corporate Sustainability Assessment (CSA) 2025 में इसे 79 स्कोर मिला था, जिसके लिए इसे Sustainability Yearbook 2026 में मान्यता भी मिली।
हालांकि, बैंक को अतीत में कई बड़ी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है। 2018 में RBI के हस्तक्षेप और मार्च 2020 में वित्तीय संकट के कारण लगे मोरेटोरियम (Moratorium) जैसी घटनाएं हुई थीं। इससे पहले, SEBI ने भी प्रमोटर एंटिटीज पर डिस्क्लोजर (Disclosure) में चूक के लिए जुर्माना लगाया था।
रेटिंग में बदलाव का असर
ESG स्कोर में इस मामूली सी गिरावट से कुछ निवेशक उन कारणों की गहराई से जांच कर सकते हैं जिनकी वजह से यह बदलाव हुआ। लेकिन 'लीडर कैटेगरी' में बने रहने से बैंक की ESG प्रतिबद्धताओं पर निवेशकों का भरोसा काफी हद तक बना रहने की उम्मीद है। यह स्थिति Yes Bank के लिए और भी महत्वपूर्ण बनाती है कि वह पारदर्शी डिस्क्लोजर बनाए रखे और ESG फैक्टर्स को सक्रिय रूप से मैनेज करे।
मुख्य जोखिम (Key Risks)
बैंक के ऐतिहासिक गवर्नेंस मुद्दे और नियामकीय कार्रवाई (Regulatory Actions), भले ही अब अतीत की बात हैं, निवेशकों की नजरों में बैंक की स्थिरता और मैनेजमेंट क्वालिटी को लेकर धारणा बनाती हैं। भविष्य में ESG से जुड़ा कोई भी बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम, खासकर बैंक के पिछले अनुभवों को देखते हुए, निवेशकों की भावनाओं पर और अधिक असर डाल सकता है।
साथियों के मुकाबले Yes Bank का ESG प्रदर्शन
77 के वर्तमान ESG स्कोर के साथ, Yes Bank प्रमुख भारतीय बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धी स्थिति में है। तुलना के लिए, NSE Sustainability से ICICI Bank को 78 का ESG स्कोर मिला है, जबकि HDFC Bank और State Bank of India (SBI) को 73 रेटिंग मिली है। इससे पता चलता है कि Yes Bank अपने साथियों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, हालांकि अपने पिछले उच्च स्कोर को फिर से हासिल करने के अवसर अभी भी मौजूद हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशक Yes Bank के भविष्य के ESG परफॉरमेंस का आकलन करने के लिए NSE Sustainability और अन्य एजेंसियों से रेटिंग अपडेट पर नजर रखेंगे। भविष्य की रेटिंग के लिए मुख्य निर्धारक बैंक की पर्यावरणीय प्रभाव, सामाजिक पहलों और कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रथाओं पर उसकी सार्वजनिक रिपोर्टिंग होगी। 'लीडर कैटेगरी' में बने रहते हुए अपने ESG स्कोर को बनाए रखना और सुधारना हितधारकों के निरंतर विश्वास के लिए महत्वपूर्ण होगा।
