Yes Bank ने कैसे हासिल की ये शानदार ग्रोथ?
बैंक ने अपने नतीजे जारी करते हुए बताया कि FY26 में ₹3,511.71 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है। यह बैंक के लिए एक बड़ी रिकवरी का संकेत है। वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में यह मुनाफा ₹1,082.19 करोड़ पर पहुंचा।
एहतियाती प्रोविजनिंग का फायदा
अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत बनाने के लिए, Yes Bank ने Q4 FY26 में ₹341 करोड़ का एकमुश्त स्टैंडर्ड एसेट प्रोविजन (One-time Standard Asset Provision) किया। बैंक का कहना है कि यह कदम एसेट क्वालिटी में किसी भी गिरावट का संकेत नहीं है, बल्कि एक एहतियाती उपाय है, जो भविष्य के जोखिमों से निपटने में मदद करेगा।
मजबूत एसेट क्वालिटी और कैपिटल
बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) 1.3% के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPA) के साथ स्थिर बनी हुई है। बेसल III के तहत बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 15.4% है, जो दर्शाता है कि बैंक वित्तीय रूप से काफी मजबूत स्थिति में है। 31 मार्च 2026 तक बैंक की स्टैंडअलोन नेट वर्थ ₹51,163.16 करोड़ थी।
रिकवरी की सफल कहानी
2020 में RBI के हस्तक्षेप के बाद से Yes Bank लगातार रिकवरी के रास्ते पर है। हाल के वर्षों में, बैंक ने Carlyle और Advent International से $1.1 बिलियन जैसी बड़ी पूंजी जुटाई है और JC Flowers ARC को स्ट्रेस्ड एसेट्स का एक महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो बेचा है।
एक बड़ा कानूनी जोखिम: AT-1 बॉन्ड मामला
निवेशकों के लिए चिंता का एक मुख्य बिंदु एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड राइट-डाउन से जुड़ा मामला है, जिसका अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। बैंक को उम्मीद है कि इससे कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन एक प्रतिकूल फैसला भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है और नियामक परिदृश्य को बदल सकता है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
Yes Bank का 1.3% का ग्रॉस एनपीए निजी बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धी स्थिति में है। उदाहरण के लिए, HDFC Bank का ग्रॉस एनपीए 1.33% और Axis Bank का 1.28% रहा था।
