कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल
बैंक ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए यह रिपोर्ट कंपनी सेक्रेटरीज BNP & Associates की मदद से तैयार की है। इस रिपोर्ट में यह कन्फर्म किया गया है कि Yes Bank, SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स और डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) जैसे नियमों और इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने वाले कानूनों का पालन कर रहा है। साथ ही, सेक्रेटेरियल स्टैंडर्ड्स, वेबसाइट मेंटेनेंस, डायरेक्टर क्वालिफिकेशन्स और डॉक्यूमेंट प्रिजर्वेशन जैसी प्रैक्टिसेस का भी अनुपालन सुनिश्चित किया गया है।
AT-1 बॉन्ड पेनल्टी पर सुनवाई तय
दूसरी तरफ, Yes Bank, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा 12 अप्रैल, 2021 को लगाई गई ₹25 करोड़ की पेनल्टी को चुनौती दे रहा है। यह पेनल्टी एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड की कथित मिस-सेलिंग के संबंध में लगाई गई थी। बैंक ने इस फैसले के खिलाफ सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में अपील की है, जिसकी सुनवाई 28 जुलाई, 2026 को होनी है।
निवेशकों की नजर और बाजारी समीकरण
कंप्लायंस रिपोर्ट का यह सबमिशन निवेशकों को Yes Bank के कॉर्पोरेट गवर्नेंस के प्रति कमिटमेंट पर भरोसा दिलाता है। हालांकि, AT-1 बॉन्ड अपील का मामला अभी भी निवेशकों के लिए एक अहम बिंदु बना हुआ है। 28 जुलाई, 2026 को SAT में होने वाली सुनवाई का नतीजा तय करेगा कि ₹25 करोड़ की पेनल्टी बरकरार रहती है या बैंक इससे बरी हो जाता है। अगर अपील खारिज होती है, तो बैंक को यह पेनल्टी चुकानी पड़ेगी, जबकि सफल अपील इस मामले को सुलझा सकती है।
बाजार में, Yes Bank का मुकाबला HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों से है। ये बैंक भी कड़े कंप्लायंस नॉर्म्स का पालन करते हैं, लेकिन SEBI की पेनल्टी और AT-1 बॉन्ड अपील का मामला Yes Bank के हालिया इतिहास से जुड़ा है।