ESG स्कोर का क्या है मतलब?
यह स्कोर, जो बैंक के सीधे जुड़ाव के बिना सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर दिया गया है, निवेशकों की नजर में बैंक की ESG प्रतिबद्धताओं को समझने में मदद करेगा। एक स्वतंत्र ESG स्कोर किसी कंपनी के सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन के लिए एक महत्वपूर्ण बाहरी मानक का काम करता है।
YES BANK का ESG के प्रति फोकस कोई नया नहीं है। बैंक लगातार अपनी सस्टेनेबिलिटी पहलों की रिपोर्ट करता रहा है और GRI व TCFD जैसे ग्लोबल फ्रेमवर्क के साथ तालमेल बिठाता रहा है। पिछले साल 2025 में, बैंक ने S&P Global Corporate Sustainability Assessment (CSA) में 79 का प्रभावशाली स्कोर हासिल किया था, जो लगातार चौथे वर्ष S&P Global Sustainability Yearbook में शामिल हुआ। पहले भी YES BANK को Dow Jones Sustainability Indices जैसे सूचकांकों में पहचान मिली है और MSCI ESG Research से AAA रेटिंग भी प्राप्त हुई है।
हालांकि, बैंक को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है, जिसमें मार्च 2020 का गवर्नेंस इश्यूज और NPA को लेकर संकट प्रमुख था। SEBI ने बॉन्ड बिक्री को लेकर भी बैंक पर जुर्माने का प्रस्ताव दिया था।
इस अनsolicited स्कोर से शेयरधारकों का ध्यान YES BANK के ESG डेटा की ट्रांसपेरेंसी और सोर्सिंग पर जाएगा। यह भी संभव है कि बैंक इस स्कोर के आधार को बेहतर ढंग से समझने और किसी भी कमी को दूर करने के लिए ESG Risk Assessments and Insights Limited से संपर्क करे। निवेशक इस स्वतंत्र स्कोर की तुलना बैंक की सक्रिय ESG पहलों और उसके पिछले उतार-चढ़ावों से करेंगे।
तुलनात्मक रूप से, अन्य प्रमुख भारतीय बैंकों के ESG स्कोर पर नजर डालें तो HDFC Bank ने 71, ICICI Bank ने 69, और Kotak Mahindra Bank ने 67 का स्कोर हासिल किया है। वहीं, State Bank of India का स्कोर 23 रहा है, जो मीडियम रिस्क कैटेगरी में आता है।
