क्या है Viji Finance की फंड जुटाने की रणनीति?
कंपनी ने 24 मार्च 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में ₹2.80 प्रति वॉरंट की दर से 12,75,00,000 वॉरंट्स के प्रीफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) को हरी झंडी दिखा दी है। हर वॉरंट को एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। इस पूरे फंड जुटाने की प्रक्रिया को शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है, जिसके लिए एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई जाएगी।
इस पूंजी निवेश का मुख्य उद्देश्य कंपनी के वित्तीय संसाधनों को बढ़ाना है। हालांकि, जब ये वॉरंट्स इक्विटी शेयर्स में बदले जाएंगे, तो मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी कम हो सकती है, जिसे इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का रिस्क कहा जाता है। साथ ही, अगर सभी वॉरंट्स तय समय सीमा में एक्सरसाइज नहीं किए जाते हैं, तो शुरुआती भुगतान जब्त भी हो सकता है।
Viji Finance, जो 1994 से एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) के तौर पर काम कर रही है, एक माइक्रो-कैप कंपनी है। इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन आमतौर पर ₹40-43 करोड़ के आसपास रहती है। कंपनी ने दिसंबर 2025 में ही अपने ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹18 करोड़ से बढ़ाकर ₹30 करोड़ कर लिया था, जो भविष्य की पूंजी योजनाओं का संकेत देता है।
FY26 की तीसरी तिमाही में, Viji Finance ने ₹94.22 लाख का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के लॉस (Loss) से एक बड़ा सुधार है। इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) ₹159.26 लाख रहा। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) 55.1% था।
मुनाफा कमाने के बावजूद, Viji Finance ने अब तक कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं दिया है। पिछले तीन सालों के फाइनेंशियल आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) सिर्फ 1.79% रहा है, और कुछ विश्लेषणों में इसे 'एवरेज से कम क्वालिटी वाली कंपनी' भी माना गया है। वॉरंट इश्यू से जुड़ा एक बड़ा रिस्क यह है कि अगर अलॉटी (Allottees) 18 महीनों के भीतर अपने वॉरंट्स को एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो उनका शुरुआती भुगतान जब्त हो सकता है, जो कंपनी की पूंजी जुटाने की योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।
निवेशक आने वाली EGM के नतीजों, वॉरंट इश्यू के सफल समापन और Viji Finance द्वारा जुटाई गई नई पूंजी के इस्तेमाल पर बारीकी से नजर रखेंगे। यह देखना भी अहम होगा कि अलॉटी 18 महीनों की कन्वर्जन अवधि में अपने वॉरंट्स को कितनी तेजी से एक्सरसाइज करते हैं। यह कंपनी NBFC सेक्टर में G D L Leasing and Finance Ltd. और Credent Global Finance Ltd. जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, और माइक्रो-कैप कंपनियों की तरह इसमें भी अधिक अस्थिरता (Volatility) देखी जाती है।
