Viji Finance Limited ने 23 अप्रैल 2026 को हुई अपनी आपातकालीन आम बैठक (EGM) में 12.75 करोड़ वारंट्स जारी करने की योजना को मंजूरी दी है।
ये वारंट्स ₹1 प्रति इक्विटी शेयर की दर से इक्विटी शेयरों में बदले जा सकेंगे और इनसे प्रमोटर ग्रुप के बाहर के निवेशकों से लगभग ₹12.75 करोड़ की पूंजी जुटाने का लक्ष्य है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य Viji Finance के वित्तीय आधार को मजबूत करना है, जिसका इस्तेमाल संभवतः बिजनेस विस्तार, वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने या कर्ज को कम करने के लिए किया जाएगा। एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर, Viji Finance को अपने लेंडिंग (Lending) और ग्रोथ (Growth) की रणनीतियों को सहारा देने के लिए अक्सर काफी पूंजी की जरूरत होती है।
हालांकि, मौजूदा शेयरधारकों के लिए एक अहम पहलू इक्विटी डाइल्यूशन का जोखिम है। जब इन वारंट्स को अंततः शेयरों में बदला जाएगा, तो मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी कम हो सकती है, अगर वे नए शेयर हासिल करने की प्रक्रिया में भाग नहीं लेते हैं।
अब कंपनी को कंपनी अधिनियम, 2013 (Companies Act, 2013) और SEBI के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए इन वारंट्स का अलॉटमेंट (Allotment) करना होगा। वारंट्स प्राप्त करने वालों के बारे में विस्तृत जानकारी जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।
निवेशक कई महत्वपूर्ण बातों पर बारीकी से नजर रखेंगे। इनमें वारंट्स प्राप्त करने वाले निवेशकों की अंतिम पहचान, इश्यू प्रक्रिया पूरी होने की समय-सीमा और इक्विटी शेयरों में इसका अंतिम कन्वर्जन (Conversion) शामिल है, जिससे कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न (Shareholding Pattern) में बदलाव आएगा।
इस तरह की पूंजी जुटाने की गतिविधियां अन्य लिस्टेड एनबीएफसी (NBFC) जैसे Poonawalla Fincorp Ltd और Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd भी अपने लेंडिंग पोर्टफोलियो और ग्रोथ प्लान्स को सपोर्ट करने के लिए अक्सर करती रहती हैं।
