FY26 में Viji Finance का शानदार प्रदर्शन
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। Viji Finance का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹0.17 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹1.97 करोड़ हो गया है, जो कि एक जबरदस्त 1068.5% की ग्रोथ है। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस भी ₹2.33 करोड़ से बढ़कर ₹5.08 करोड़ हो गया, यानी इसमें 118.5% की शानदार बढ़ोतरी हुई। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी ₹0.21 करोड़ से उछलकर ₹2.64 करोड़ पर पहुंच गया।
ऑडिटर की रिपोर्ट में क्या है खास?
कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर, धर्मेंद्र के अग्रवाल एंड कंपनी, ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय बयानों को सही और उचित बताया है। लेकिन, इसी रिपोर्ट में एक ऐसी बात का जिक्र है जिस पर निवेशकों का ध्यान जाना जरूरी है। ऑडिटर ने कंपनी के एक डायरेक्टर द्वारा गारंटीर के तौर पर किए गए ₹1.45 करोड़ के लोन रिपेमेंट पर चिंता जताई है। ऑडिटर का कहना है कि इस पैसे के स्रोत की पुष्टि नहीं हो पाई है, जो कि चिंता का विषय है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और भविष्य की योजनाएं
Viji Finance India में एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करती है, जिसकी स्थापना 1994 में हुई थी। यह पहले Panjon Finance Ltd के नाम से जानी जाती थी। हाल ही में, कंपनी ने शेयरधारकों से ₹35.70 करोड़ के वारंट्स (Warrants) जारी करने की मंजूरी ली है, ताकि कंपनी की वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया जा सके।
पीयर कंपेरिजन: छोटी कंपनी, बड़ी छलांग
हालांकि Viji Finance ने ग्रोथ के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, लेकिन बड़े एनबीएफसी (NBFC) के मुकाबले इसका कुल मुनाफा अभी भी काफी कम है। FY26 में Viji Finance का नेट प्रॉफिट ₹1.97 करोड़ रहा। वहीं, FY25 में Bajaj Finance का नेट प्रॉफिट ₹11,958 करोड़, Shriram Finance का ₹10,004 करोड़ और Muthoot Finance का ₹8,653 करोड़ रहा। यह तुलना दिखाती है कि Viji Finance एनबीएफसी सेक्टर में एक छोटी कंपनी है, लेकिन इसने अपनी ग्रोथ से सबको चौंकाया है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
- Viji Finance से उम्मीद है कि वे ऑडिटर द्वारा उठाए गए ₹1.45 करोड़ के लोन रिपेमेंट को लेकर स्पष्टीकरण देंगे।
- जल्द ही कंपनी FY27 के लिए अपने आगे के प्लान और ग्रोथ आउटलुक के बारे में भी जानकारी दे सकती है।
- वारंट इश्यू के जरिए कैपिटल इन्फ्यूजन की प्रक्रिया पूरी होने पर कंपनी की ग्रोथ को और बढ़ावा मिल सकता है।
