SEBI (Securities and Exchange Board of India) के नियमों के तहत, Veefin Solutions Ltd ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2026 तक 'Large Corporate' माने जाने के मानदंडों को पूरा नहीं करती है।
इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी को SEBI द्वारा बड़े संस्थानों के लिए अनिवार्य किए गए वार्षिक डिस्क्लोजर (annual disclosure) को जमा करने से छूट मिल गई है। SEBI की परिभाषा के अनुसार, 'Large Corporate' वे लिस्टेड कंपनियाँ होती हैं जिनका नेट वर्थ ₹250 करोड़ या उससे अधिक हो, या टर्नओवर ₹1,000 करोड़ या उससे अधिक हो, या टोटल डेट ₹400 करोड़ या उससे अधिक हो। यह आंकड़े पिछली फाइनेंशियल ईयर के आधार पर देखे जाते हैं।
Veefin Solutions, जो MSMEs के लिए डिजिटल लेंडिंग और सप्लाई चेन फाइनेंस में स्पेशलाइज्ड एक फिनटेक फर्म है, ने इस क्लासिफिकेशन के समर्थन में अपने वित्तीय आंकड़े पेश किए। फाइनेंशियल ईयर 2023 के लिए, कंपनी ने ₹48.2 करोड़ का रेवेन्यू और ₹137.4 करोड़ का नेट वर्थ रिपोर्ट किया था। फाइनेंशियल ईयर 2024 की तीसरी तिमाही तक, कंपनी का स्टैंडअलोन नेट वर्थ लगभग ₹150 करोड़ था, जबकि डेट करीब ₹5 करोड़ और पिछले बारह महीनों (TTM) का रेवेन्यू लगभग ₹60 करोड़ था। ये सभी आंकड़े SEBI के 'Large Corporate' के थ्रेसहोल्ड से काफी नीचे हैं।
यह घोषणा शेयरधारकों को Veefin की तत्काल रेगुलेटरी जिम्मेदारियों के बारे में स्पष्टता प्रदान करती है। साथ ही, कंपनी को विस्तृत वार्षिक 'Large Corporate' डिस्क्लोजर तैयार करने और जमा करने से जुड़े एडमिनिस्ट्रेटिव और कंप्लायंस खर्चों से भी राहत मिल गई है। यह कन्फर्मेशन SEBI की वर्तमान परिभाषा के तहत Veefin की पोजीशन को एक मीडियम-साइज़्ड प्लेयर के तौर पर मजबूत करता है, न कि सिस्टम में महत्वपूर्ण इकाई के रूप में।
