SEBI के नियमों के तहत मिली छूट
Ushakiran Finance Limited ने घोषणा की है कि वह 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी एनुअल सेक्रेटेरियल कम्प्लायंस रिपोर्ट फाइल नहीं करेगी। कंपनी SEBI के नियमों के तहत इस छूट के लिए योग्य पाई गई है। यह फैसला कंपनी के पेड-अप कैपिटल (Paid-up Capital) और नेट वर्थ (Net Worth) के आधार पर लिया गया है।
यह छूट Ushakiran Finance को रिपोर्ट तैयार करने और जमा करने में लगने वाले खर्च और संसाधनों को बचाने में मदद करेगी, जिससे नियामक दायित्व सरल होंगे।
SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के अनुसार, अधिकांश सूचीबद्ध कंपनियों को एक एनुअल सेक्रेटेरियल कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होती है। हालांकि, रेगुलेशन 15(2) उन संस्थाओं को छूट प्रदान करती है जिनका पेड-अप शेयर कैपिटल ₹10 करोड़ से अधिक नहीं है और नेट वर्थ ₹25 करोड़ से कम है, बशर्ते वे SME प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध न हों।
Ushakiran Finance का पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल 31 मार्च 2025 तक ₹2.55 करोड़ था, और इसका नेट वर्थ ₹16.50 करोड़ था। ये दोनों आंकड़े SEBI द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर हैं।
इस रिपोर्ट को फाइल न करने से, Ushakiran Finance उन संसाधनों को अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में लगा सकती है। यह कदम छोटी सूचीबद्ध कंपनियों में कुशलता पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Ushakiran Finance को SEBI और RBI की अन्य सभी नियामक आवश्यकताओं का पालन जारी रखना होगा। निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि SEBI के छूट मानदंडों में भविष्य में बदलाव इन आवश्यकताओं को प्रभावित कर सकते हैं।
छूट के समर्थन में मुख्य आंकड़े:
- पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल: ₹2.55 करोड़ (31 मार्च 2025 तक)
- नेट वर्थ: ₹16.50 करोड़ (31 मार्च 2025 तक)
- SEBI द्वारा छूट के लिए पेड-अप कैपिटल की सीमा: ₹10 करोड़
- SEBI द्वारा छूट के लिए नेट वर्थ की सीमा: ₹25 करोड़
