Q4 FY26 में कैसा रहा Union Bank का प्रदर्शन?
Union Bank of India ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 9.83% बढ़कर ₹5,503.61 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें तो कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 7.78% की बढ़ोतरी के साथ ₹19,430.20 करोड़ पर पहुंचा।
संपत्ति गुणवत्ता में सुधार का असर
इस मुनाफे में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता (asset quality) में आया जबरदस्त सुधार है। FY26 के अंत तक, बैंक का कंसोलिडेटेड ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो 3.60% से घटकर 2.82% पर आ गया। इसी तरह, नेट NPA रेशियो 0.63% से घटकर 0.48% हो गया। इस मजबूती से बैंक की वित्तीय सेहत में सुधार हुआ है।
रेवेन्यू ग्रोथ में सुस्ती
हालांकि, मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद, बैंक के टॉप-लाइन यानी रेवेन्यू ग्रोथ पर ब्रेक लगा रहा। पूरे FY26 में कंसोलिडेटेड टोटल रेवेन्यू में मामूली 0.19% की बढ़ोतरी ही दर्ज की गई। तिमाही दर तिमाही देखें तो Q4 में रेवेन्यू में 2.73% की गिरावट आई। यह बैंक के लिए एक चुनौती है कि वह अपनी आय बढ़ाने की गति को कैसे तेज करे।
शेयरधारकों को ₹5 का डिविडेंड
बैंक के बोर्ड ने FY26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹5 के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है।
नियंत्रण और फ्रॉड की चिंताएं
नतीजों के साथ-साथ, बैंक के आंतरिक नियंत्रण (internal controls) और फ्रॉड के मामलों को लेकर भी बड़ी चिंताएं सामने आई हैं। FY26 के दौरान, बैंक ने ₹2,274.46 करोड़ के कुल 290 फ्रॉड के मामले दर्ज किए। इसके अलावा, बैंक को फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से रेगुलेटरी पेनल्टी (regulatory penalties) का सामना भी करना पड़ा है। यह दिखाता है कि बैंक को फ्रॉड डिटेक्शन और कंप्लायंस को लेकर अभी और पुख्ता कदम उठाने होंगे।
अन्य प्रमुख आंकड़े
बैंक की कंसोलिडेटेड नेट वर्थ FY26 में बढ़कर ₹1,17,871.07 करोड़ हो गई। स्टैंडअलोन डिपॉजिट्स भी FY26 में ₹13,06,891.41 करोड़ तक पहुंच गए।
