Union Bank of India: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! FY26 में ₹18,697 Cr का रिकॉर्ड मुनाफा, बैंक ने महंगी Deposits कम कर मार्जिन को दी मजबूती

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AuthorMehul Desai|Published at:
Union Bank of India: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! FY26 में ₹18,697 Cr का रिकॉर्ड मुनाफा, बैंक ने महंगी Deposits कम कर मार्जिन को दी मजबूती
Overview

Union Bank of India ने FY26 के लिए **₹18,697 करोड़** का जबरदस्त नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। बैंक ने महंगी बल्क डिपॉजिट्स को **₹70,000 करोड़** तक कम किया, जिससे CASA रेश्यो **35.21%** तक पहुँच गया और मार्जिन को सहारा मिला।

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Union Bank of India का शानदार प्रदर्शन: FY26 में ₹18,697 Cr का नेट प्रॉफिट!

Union Bank of India के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) ज़बरदस्त रहा, बैंक ने ₹18,697 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इस दौरान बैंक की इंटरेस्ट इनकम ₹1.06 लाख करोड़ से भी ज्यादा रही। यह कामयाबी बैंक की एक खास स्ट्रैटेजी का नतीजा है, जिसमें महंगी बल्क डिपॉजिट्स को कम करके बेहतर फंडिग कॉस्ट और मार्जिन स्टेबिलिटी हासिल करने पर फोकस किया गया।

महंगी डिपॉजिट्स घटाकर CASA रेश्यो में उछाल

बैंक ने अपनी स्ट्रैटेजी के तहत हाई-कॉस्ट वाली बल्क डिपॉजिट्स में ₹70,000 करोड़ की कमी की। इस कदम से बैंक का करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट (CASA) रेश्यो साल भर में 32.51% से बढ़कर 35.21% हो गया। यह दिखाता है कि बैंक अब सस्ती और ज्यादा स्टेबल रिटेल फंडिंग की ओर बढ़ रहा है।

एडवांसेज में ग्रोथ और फंडिंग स्ट्रैटेजी

इस दौरान बैंक के एडवांसेज में 9.74% की ग्रोथ देखी गई, जबकि कुल डिपॉजिट ग्रोथ थोड़ी धीमी 2.72% रही। एडवांसेज में हुई ग्रोथ को फंड करने के लिए बैंक ने बॉन्ड इश्यू के जरिए ₹46,000 करोड़ जुटाए।

एसेट क्वालिटी में सुधार और कैपिटल स्ट्रेंथ

एसेट क्वालिटी में भी मजबूती आई, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) पिछले साल 4.19% से घटकर 2.82% पर आ गए। कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो भी मजबूत बने रहे, CRAR 18.10% और CET1 15.69% रहा।

Q4 की परफॉरमेंस और NIM पर दबाव

हालांकि, FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में फ्रेश स्लिपेज बढ़कर ₹2,023 करोड़ हो गए, जो पिछली तिमाही (Q3) में ₹1,660 करोड़ थे। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) भी Q4 में 2.64% पर आ गए, जबकि Q3 में यह 2.76% थे।

ECL फ्रेमवर्क के लिए प्रोविजनिंग

बैंक ने आने वाले एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) फ्रेमवर्क के लागू होने के लिए Q4 में ₹700 करोड़ का प्रोविजन भी अलग रखा, साथ ही यह भी बताया कि वर्तमान ECL शॉर्टफॉल ₹4,300 करोड़ का है।

स्ट्रैटेजी का महत्व और आगे की राह

महंगी बल्क डिपॉजिट्स से हटकर रिटेल CASA की ओर यह स्ट्रैटेजिक बदलाव बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को बचाने और बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा, ECL के लिए प्रोएक्टिव प्रोविजनिंग रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स के लिए बैंक की तैयारी को दिखाता है।

पीयर्स से तुलना और भविष्य का अनुमान

FY26 में Union Bank का ₹18,697 करोड़ का नेट प्रॉफिट PNB (लगभग ₹10,000 करोड़) और Bank of Baroda (लगभग ₹14,000 करोड़) से बेहतर है, पर State Bank of India (लगभग ₹40,000 करोड़) से कम। वहीं, इसका GNPA 2.82% पीयर्स से बेहतर है, लेकिन Q4 NIM 2.64% पीयर्स से थोड़ा कम है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए 13-14% के क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान जताया है।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

निवेशक लोन डिफॉल्ट्स में संभावित बढ़ोतरी (Q4 स्लिपेज का बढ़ना), ग्लोबल इवेंट्स का असर और ECL प्रोविजनिंग के प्रॉफिट पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रख रहे हैं। निवेशकों को बैंक की NIMs को डिफेंड करने की क्षमता, 13-14% क्रेडिट ग्रोथ टारगेट को हासिल करने, और फ्रेश स्लिपेज व एसेट क्वालिटी के ट्रेंड्स पर नजर रखनी चाहिए।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.