Union Bank FY26 नतीजे: क्या रहा खास?
Union Bank of India ने अपना पूरा फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) का नतीजों का ऐलान किया है। बैंक ने इस पूरे साल में ₹19,430.20 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) के ₹18,026.96 करोड़ की तुलना में 7.78% की बढ़त दिखाता है। वहीं, चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) में बैंक का नेट प्रॉफिट ₹5,503.61 करोड़ रहा।
FY26 के लिए बैंक का कंसोलिडेटेड टोटल रेवेन्यू ₹1,28,399.51 करोड़ रहा। हालाँकि, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में थोड़ी नरमी दिखी, जिसमें Q4 FY26 का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.75% और पूरे FY26 का रेवेन्यू 0.23% कम रहा।
एसेट क्वालिटी में जोरदार सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में एक बड़ा सुधार देखने को मिला है। स्टैंडअलोन ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) पिछले साल के 3.60% से घटकर 2.82% पर आ गए हैं। इसी तरह, नेट NPAs भी 0.63% से सुधरकर 0.48% पर पहुंच गए हैं। यह लोन पोर्टफोलियो की बेहतर सेहत और कम क्रेडिट रिस्क को दर्शाता है।
बड़े प्रोविज़ंस और खुलासे
बैंक ने भविष्य की मजबूती के लिए Q4 FY26 में स्टैंडर्ड एसेट प्रोविज़निंग के तहत ₹700 करोड़ का एक-मुश्त प्रोविज़न (one-time provision) किया है।
इसके अलावा, बैंक ने कुछ अहम खुलासे भी किए हैं। इस साल 290 फ्रॉड के मामले सामने आए, जिनसे ₹2,274.46 करोड़ का असर हुआ। वहीं, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत आने वाले खातों के लिए ₹7,821.17 करोड़ का प्रोविज़न किया गया है।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड (Dividend)
बैंक के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, शेयरधारकों के लिए ₹5 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड (dividend) घोषित किया गया है। यह डिविडेंड बैंक की मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है।
आगे की राह
निवेशकों की नज़रें आने वाली तिमाहियों में एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार और NPA में कमी पर रहेंगी। फ्रॉड रिस्क से निपटने और IBC से जुड़े खातों की रिकवरी की बैंक की रणनीति भी महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, स्टैंडर्ड एसेट प्रोविज़निंग का भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी और कैपिटल एडिक्वेसी पर असर देखा जाएगा।
