ASREC में Union Bank की हिस्सेदारी में इज़ाफ़ा
Union Bank of India ने अपने ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) ASREC (I) Ltd. में ₹22.64 करोड़ का और निवेश करके अपनी शेयरधारिता (Shareholding) को मज़बूत किया है। इस लेन-देन के बाद, बैंक की हिस्सेदारी पहले के 26.02% से बढ़कर 27.30% हो गई है। यह जानकारी SEBI नियमों के तहत 12 मई 2026 को दी गई। यह निवेश नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) से निपटने के क्षेत्र में बैंक की सक्रिय भूमिका को और पुख्ता करता है।
Union Bank, ASREC के संस्थापक प्रमोटरों में से एक रहा है, जो डिस्ट्रेस्ड डेट्स (संकटग्रस्त ऋण) का अधिग्रहण करके NPA को हल करने का काम करती है। 31 मार्च 2024 तक बैंक की इसमें 26.02% हिस्सेदारी थी। इस नए निवेश का मकसद NPA समाधान के क्षेत्र में अपनी स्थिति और क्षमता को और मज़बूत करना है।
माना जा रहा है कि हिस्सेदारी बढ़ने से Union Bank के वोटिंग अधिकार और ASREC के रणनीतिक निर्णयों में प्रभाव बढ़ेगा। इससे ASREC के ऑपरेशन्स को बैंक के NPA समाधान ढांचे के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद मिल सकती है, जिससे खराब ऋणों की वसूली की प्रक्रिया अधिक कुशल हो सकती है।
यह डेवलपमेंट ऐसे समय में आया है जब State Bank of India और Punjab National Bank जैसे दूसरे बड़े बैंक भी अपनी स्ट्रेस्ड एसेट्स (तनावग्रस्त संपत्तियों) को मैनेज करने के लिए विभिन्न रणनीतियों और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ सहयोग पर काम कर रहे हैं।
