Unifinz Capital India Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 28 मार्च 2026 को हुई अहम बैठक में दो बड़े फैसले लिए गए। पहला, कंपनी ₹315 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करके फंड जुटाएगी। ये कदम कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूत करने और बिजनेस ऑपरेशन्स के लिए फंडिंग की गरज को पूरा करेगा।
दूसरा बड़ा फैसला शेयरधारकों के लिए है। बोर्ड ने ₹0.50 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) को भी मंजूरी दी है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 6 अप्रैल 2026 तय की गई है।
NCDs के फाइनल टर्म्स पर कौन लेगा फैसला?
कंपनी की फाइनेंस कमेटी को इन NCDs की ब्याज दरें (Interest Rates) और मैच्योरिटी पीरियड (Maturity Periods) जैसे स्पेसिफिक टर्म्स को फाइनल करने का अधिकार दिया गया है, जो मार्केट कंडीशंस और जरूरी अप्रूवल्स के अधीन होंगे।
क्यों अहम है ये कदम?
NCDs के जरिए बड़ी रकम जुटाना Unifinz Capital के लिए भविष्य की ग्रोथ या लेंडिंग पोर्टफोलियो का विस्तार करने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, इससे कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा और इंटरेस्ट पेमेंट्स भी ज्यादा होंगे, जिसका असर मुनाफे पर पड़ सकता है। वहीं, अंतरिम डिविडेंड की घोषणा कंपनी के मौजूदा परफॉरमेंस और कैश फ्लो जनरेशन में उसके आत्मविश्वास को दर्शाती है।
पिछला ट्रैक रिकॉर्ड क्या कहता है?
Unifinz Capital पहले भी NCDs के जरिए फंड जुटाती रही है। कंपनी ने फरवरी 2026 में ₹315 करोड़, दिसंबर 2023 में ₹100 करोड़ और मार्च 2023 में ₹200 करोड़ के NCDs जारी करने की मंजूरी दी थी। शेयरधारकों को डिविडेंड भी नियमित रूप से मिलता रहा है। कंपनी ने मार्च 2025 में ₹0.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड, FY2022-23 के लिए ₹0.50 का डिविडेंड और मार्च 2023 में एक और ₹0.50 का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया था।
आगे क्या उम्मीद करें?
इस NCD इश्यूएंस से कंपनी के डेट लेवल बढ़ेंगे और इंटरेस्ट खर्च भी बढ़ेगा। फाइनेंस कमेटी द्वारा तय किए जाने वाले फाइनल NCD टर्म्स ही इस वित्तीय असर को स्पष्ट करेंगे। शेयरधारकों को ₹0.50 का अंतरिम डिविडेंड मिलेगा। जुटाई गई पूंजी बिजनेस विस्तार या एसेट ग्रोथ में इस्तेमाल की जा सकती है।
क्या हैं जोखिम?
₹315 करोड़ के NCD इश्यूएंस से Unifinz Capital का कर्ज और ब्याज खर्च बढ़ेगा। डिबेंचर्स के फाइनल टर्म्स, जो फाइनेंस कमेटी तय करेगी, वे ही सटीक वित्तीय प्रभाव तय करेंगे।
इंडस्ट्री प्रैक्टिस से मेल खाती रणनीति
MAS Financial Services, Cholamandalam Investment and Finance Company, और Poonawalla Fincorp जैसी स्थापित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) भी अपने ऑपरेशन्स और ग्रोथ को फंड करने के लिए NCDs के जरिए डेट मार्केट का इस्तेमाल करती हैं। Unifinz Capital की यह स्ट्रैटेजी फाइनेंसियल बिजनेस के लिए इंडस्ट्री की आम प्रैक्टिस के अनुरूप है।
आगे क्या देखना है?
- फाइनेंस कमेटी का NCD इश्यूएंस के टर्म्स और कंडीशंस को फाइनल करना।
- NCD इश्यूएंस की तय तारीख और उसकी लिस्टिंग।
- रिकॉर्ड डेट के बाद शेयरधारकों को अंतरिम डिविडेंड का भुगतान।